पितृ पक्ष की सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर को है. इस दिन दीपक जलाने से मां लक्ष्मी और पितर दोनों प्रसन्न होते हैं.
By : पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Sarva Pitru Amavasya 2025: पितृ पक्ष के आखिरी दिन रविवार 21 सितंबर 2025 को ज्ञात और अज्ञात पितरों का तर्पण करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है. क्योंकि इस दिन सर्व पितृ अमावस्या मनाने का विधान है. श्राद्ध के लिए ये दिन सबसे श्रेष्ठ माना गया है.
अमावस्या के दिन पितरों और देवों दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए अच्छा दिन है. इस दिन पूजा-पाठ के अलावा कुछ खास जगह दीपक जलाने का भी विधान है. मान्यता है कि इससे न सिर्फ घर में लक्ष्मी जी वास होता हैं बल्कि पितर भी जाते-जाते खुश होते हैं और अपने परिजनों को तरक्की का आशीर्वाद देकर जाते हैं. पितृ अमावस्या पर ऐसे स्थानों पर कहां-कहां दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं? इसकी जानकारी देने जा रहे हैं.
पितरों के लिए कहां-कहां जलाएं दीपक
पूर्वज लौटेंगे लोक –
सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों का धूप-ध्यान करने के बाद शाम को किसी तालाब या सरोवर किनारे दक्षिण दिशा में मुख करके सरसों के तेल का चौमुखी दीपक प्रज्वलित करें और जल में अर्पित करें. मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद पितर अपने लोक लौट जाते हैं, ऐसे में दीपक की रोशनी उनकी राह में उजाला करने में सहायक होती है. इससे वे प्रसन्न होते हैं.
नहीं रहेगी कोई कमी –
यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश अपने पितरों का श्राद्ध नहीं कर पाएं हैं तो सर्व पितृ अमावस्या के दिन किसी पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं और ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि। तन्नो पितृ प्रचोदयात्॥ इस मंत्र का जाप करें. मान्यता है इससे पूर्वजों की आत्मा शांत होती है और सुख-समृद्धि आती है.
लक्ष्मी जी के लिए कहां-कहां जलाएं दीपक
बरकत लाने के लिए करें ये उपाय–
सर्व पितृ अमावस्या के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं, विष्णु जी के मंत्र का जाप करें. मान्यता है इससे धन वर्षा होती है. आय में वृद्धि के योग बनते हैं.
ऐसे लक्ष्मी जी का होगा वास –
अमावस्या के दिन प्रदोष काल में मुख्य द्वार के बाहर घी का दीपक बाईं ओर और तेल का दीपक दाहिनी ओर जलाना चाहिए, क्योंकि यह शुभ माना जाता है. इससे सकारात्मकता ऊर्जा आती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर भागती है और घर में सुख-समृद्धि व आर्थिक तरक्की के द्वार खुलते हैं.
शास्त्रों में मान्यता है कि सर्व पितृ अमावस्या पर घर के ईशान कोण में यानी कि अपने घर के उत्तर-पूर्व कोने में गाय के घी का दीपक जलाने से भी मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. अन्न के भंडार खाली नहीं होते हैं.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

