जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली में कई नेताओं से मुलाकात की
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
G7 शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली.
इटली की अध्यक्षता में इस बार जी 7 शिखर सम्मेलन का आयोजिन किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत को भी आमंत्रित किया गया है। जिसमें शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इटली पहुंच गए हैं। इस मौके पर उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने दुनिया के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक कर अलग-अलग मुद्दों पर वार्ता भी की। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने इटली में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति की मुलाकात पर टिप्पणी की। मंत्रालय ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच स्थिर और समृद्ध वैश्विक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सशक्त और विश्वसनीय रणनीति की जरूरत है। दोनों देशों के नेताओं ने बातचीत में मेक इन इंडिया पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही रणनीतिक रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई। इसके अलावा पीएम मोदी ने इटली में यू्क्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ भी मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी और जेलेंस्की ने भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त करने पर बल दिया। इसके बाद पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ भी भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, व्यापार और वाणिज्य में वृद्धि करने पर चर्चा की।
डिफेंस, न्यूक्लियर, स्पेस, एजुकेशन, क्लाइमेट एक्शन पर हुई चर्चा
पीएम मोदी और फ्रांस राष्ट्रपति मैक्रों ने की द्विपक्षीय बैठक पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैंक्रों की चर्चा को लेकर विदेश मंत्रालय पर आधिकारिक बयान दिया है। जिसके मुताबिक मंत्रालय ने कहा कि इटली के अपुलिया में आज जी 7 शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने द्विपक्षीय बैठक कर कई मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। इस दौरान डिफेंस, न्यूक्लियर, स्पेस, एजुकेशन, क्लाइमेट एक्शन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर चर्चा की। इसके अलावा कल्चरल इनीशिएटिव से संबंधित नेशनल म्यूजियम पार्टनरशिप और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने में सहयोग पर जोर दिया। एआई समेत कई इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा इस बैठक में पीएम मोदी और मैंक्रों ने आगामी एआई सम्मेलन और यूनाइटेड नेशन्स ओशियन कॉन्फ्रेंस पर मिलकर काम करने पर भी चर्चा की। इसके अलावा एआई और अन्य विकसित टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्पोर्ट्स के क्षेत्र में सहयोग देने पर भी हामी भरी गई। साल 2025 में इन दोनों सम्मेलन का आयोजन फ्रांस में किया जाएगा। वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर ही बातचीत भारत और फ्रांस के नेताओं की बैठक को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इटली में चर्चा करते वक्त पीएम मोदी और मैक्रों ने अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। इसमें दोनों देशों की ओर से प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रिय मुद्दों में सहयोग देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा भारत-फ्रांस के बीच एक सशक्त और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी एक स्थिर और समृद्ध वैश्विक व्यवस्था के लिए काफी अहमियत रखती है। ऐसे में इसे नए मुकाम पर पहुंचाने के लिए साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। इस दौरान पीएम मोदी ने मैक्रों को आगामी पेरिस ओलंपिक और पैरालिंपिक खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात से पता चलता है कि भारत और फ्रांस एक दूसरे को कितनी प्राथमिकता देते हैं
भारत- फ्रांस ने इन मुद्दों पर की चर्चा फ्रेंस के राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात को लेकर पीएमओ ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने आधिकारिक आकउंट से पोस्ट किया। इस पोस्ट में पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्यूएल मैक्रों के साथ चर्चा का जिक्र किया। इस पोस्ट में बताया गया कि पीएम मोदी ने मैक्रों के साथ एक शानदार बैठक की है। कहा कि एक साल के अंदर हम दोनों ने चौथी बार मुलाकात की है। यह इस बात को दर्शाती है कि भारत और फ्रांस एक दूसरे को कितनी प्राथमिकता देते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमने रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, एआई, ब्लू इकोनॉमी और कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की। इसके अलावा हमने युवाओं में इनोवेशन और रिसर्च को मोटिवेट करने के तरीकों पर भी विशेष चर्चा की। इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान मैंने अगले महीने फ्रांस की मेजबानी में शुरू होने जा रहे पेरिस ओलंपिक पर राष्ट्रपति इमैन्यूएल मैक्रों को बधाई दीं।
भारत ने यूक्रेन से इन मुद्दो पर की बातचीत इसके अलावा पीएमओ ने एक्स पर अन्य पोस्ट में पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जे़लेंस्की के बीच एक सार्थक बैठक हुई है। इस बैठक में भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीयों संबंधों को सशक्त करने पर चर्चा की गई।

