पंचाग के अनुसार वैशाख साल का दूसरा माह है. स्कंद पुराण में भी वैशाख की महत्ता बताई गई है. इस माह किए कामों से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं.
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Vaishakh Month 2025 : वैशाख महीने की शुरुआत 13 अप्रैल 2025 से हो चुकी है, जिसकी समाप्ति 12 मई 2025 को होगी. स्कंद, पद्म, ब्रह्मवैवर्त पुराण और महाभारत आदि जैसे धर्म ग्रंथों में वैशाख महीने के महत्व के बारे में बताया गया है. वैशाख का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इसलिए इस माह किए कार्यों से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं. लेकिन जान लीजिए कि वो कौन से काम हैं जिन्हें वैशाख महीने में करना चाहिए और कौन से कार्य हैं, जिसे इस माह नहीं करना चाहिए. पंचांग के अनुसार वैशाख साल का दूसरा महीना होता है जोकि चैत्र की समाप्ति के बाद आता है. धार्मिक दृष्टिकोण से इसे बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है, क्योंकि इस महीने बुद्ध पूर्णिमा और अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं.
साथ ही वैशाख की शुरुआत होते ही खरमास (Kharmas) भी खत्म हो जाता है और शुभ-मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है. इसी के साथ इस माह स्नान, दान, व्रत, उपवास और जप आदि का विशेष महत्व होता है.
वैशाख माह में क्या करें
- सुबह जल्दी स्नान करें. सूर्यदेव और तुलसी को जल चढ़ाएं. शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाएं. भगवान विष्णु और लक्ष्मीजी की पूजा करें.
- किसी मंदिर में ध्वज (झंडे), पानी से भरा मटका आदि का दान करें. गरीब-जरूरतमंदों में जल का दान करें.
- वैशाख महीने में जल्दी बिस्तर छोड़ देना चाहिए और सूर्यादय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए.
- तीर्थ दर्शन और नदी स्नान के लिए भी वैशाख को शुभ माना जाता है.
- आप सामर्थ्य हैं तो किसी सार्वजनिक स्थान पर प्याऊ लगा सकते हैं या फिर किसी मटके का दान करें. इस माह प्याउ लगवाने, मटके का दान करने, जल का दान करने वाले व्यक्ति को देवता, ऋषि और पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
- वैशाख में तेज गर्मी होती है, इसलिए इस समय जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल, पंखा और छतरी का भी दान कर सकते हैं.
वैशाख महीने में नहीं करें ये काम
- वैशाख मास में सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए. कोशिश करें ही सूर्योदय से पहले उठ जाएं और स्नानादि के बाद उगते सूर्य को जल चढ़ाएं.
- खानपान को लेकर वैशाख महीने में खास ख्याल रखें. इस माह गर्मी चरम (Heat Wave) पर होती है, इसलिए पानी का अधिक सेवन करें और अधिक तेल-मसालेदार चीजों के सेवन से बचें.
- वैशाख महीने में सुबह जल्दी उठना चाहिए और दिन में भोजन के बाद थोड़ी देर विश्राम करना चाहिए.
- स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख महीने में तेल मालिश नहीं करनी चाहिए.

