गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्र माह की चतुर्थी तिथि में शुभ मुहूर्त में की जाती है. उसी तरह इनका विसर्जन भी शुभ मुहूर्त देखकर ही करना चाहिए.
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Ganesh Visarjan 2025 Subh Muhurat: गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक ऐसा त्योहार है जो 10 दिनों तक चलता है. त्योहार भाद्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है.
गणेश चतुर्थी को भाद्रमाह की चतुर्थी तिथि से लेकर चतुर्दशी तिथि तक पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. भक्त इस समय भगवान गणेश की पूजा पूरी श्रद्धा और विधि विधान से करते है.
शुभ मुहूर्त पर विसर्जन से मिलेगा शुभ फल
- भगवान गणेश की पूरे विधि विधान से पूजा करने से वे बेहद प्रसन्न होते हैं.
- भक्तों के जीवन के बड़े से बड़े संकटों को दूर कर उन्हें सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
- हिंदू धर्म में बप्पा के आगमन के साथ-साथ विसर्जन का भी खास महत्व होता है.
- बप्पा का विसर्जन अगर शुभ तिथि या मुहूर्त पर नहीं किया जाए तो पूजा का शुभ फल नहीं मिलता.
पूजा शोडशोपचार विधि से करनी चाहिए
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा शोडशोपचार विधि से करनी चाहिए. जिससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन को मंगलमय करते हैं. इसलिए भगवान गणेश को मंगलकर्ता भी कहा जाता हैं.
शुभ मुहूर्त में करें भगवान गणेश का विसर्जन
गणेश चतुर्थी की पूजा चतुर्थी तिथि से लेकर चतुर्दशी तिथि तक मनाई जाती है. यह पूजा पूरे 10 दिन तक चलती है. इनका विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है. मगर कोई भी भक्त विसर्जन पहले करना चाहे तो कर सकता है.
जैसे अनंत चतुर्दशी के अलावा आप पंचमी तिथि में या अष्टमी तिथि को भी विसर्जन कर सकते हैं. इसमें कुछ अशुभ नहीं है. इनमें से किसी भी तिथि में विसर्जन करने से पहले बप्पा की आरती जरूर करनी चाहिए, इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं.
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