कभी डीएनए टेस्ट तो कभी इलाज की जिम्मेदारी सरकार पर डालने के दिए जा रहे बयान
नई दिल्ली.
अयोध्या में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले पर उत्तरप्रदेश की राजनीति में सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मामले में आरोपियों के डीएनए टेस्ट कराने की मांग रखी है। इसके अलावा पीड़िता को उचित उपचार का जिम्मा शासन पर सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है. सपा सुप्रीमो की इस मांग पर अब भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने उन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा ,”जिस बच्ची के साथ सपा नेता मोईद खान और उसके सहयोगी ने गैंगरेप किया, वो नाबालिक है। मोईद उसके पिता नहीं दादा की उम्र का होगा।”
अमित मालवीय ने साधा निशाना
अमित मालवीय ने आरोप लगाते हुए कहा कि चूंकि पीड़िता निषाद समाज से आती है और वह दरिंदा वोट बैंक से आता है। इस वजह से गर्भवति होने के बावजूद उससे सबूतों की मांग की जा रही है। मालवीय ने अखिलेश यादव को लेकर कहा, “डीएनए टेस्ट से क्या साबित हो जाएगा। गैंगरेप में कौन-कौन शामिल था, ये डीएनए टेस्ट के आधार पर तय होगा? अखिलेश यादव से इस तरह की घृणित राजनीति के अलावा और किसी चीज की अपेक्षा भी नहीं की जा सकती।” भाजपा आईटी सेल के हेड ने आरोप लगाया, “आने वाले दिनों में जहां-जहां सपा के नेता जीते हैं, वहां गांव-गांव में पिछड़े समाज की बहू बेटियों के साथ इस तरह के कुकर्म की अनेकों खबरें आएंगी। सपा राजनीतिक दल कम अपराधियों का गिरोह अधिक है।” बता दें, अयोध्या रेप मामले में अखिलेश यादव ने कहा था कि डीएनए टेस्ट में यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो इस मामले में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

