इस बार दिवाली की तिथि की वजह से छोटी दिवाली की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कुछ लोग यह पर्व 30 अक्टूबर को मना रहे हैं तो कुछ लोग 31 अक्टूबर को.
Authored BY : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | BY : DB News Update
Edited By : प्रिंस अवस्थी
आइए जानते हैं छोटी दिवाली का पर्व कब मनाया जा रहा है?
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है, इस तिथि को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व में धनतेरस के बाद छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है. लेकिन इस बार दिवाली की तारीख की वजह से छोटी दिवाली की तारीख को लेकर भी कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. छोटी दिवाली के दिन हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया जाता है इसलिए इस दिन हनुमानजी की भी पूजा की जाती है और यम के नाम का दीपदान भी किया जाता है.
कब है छोटी दिवाली का पर्व ?
- चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ – 30 अक्टूबर, दोपहर 1 बजकर 16 मिनट से
- चतुर्दशी तिथि का समापन – 31 अक्टूबर, दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर
–छोटी दिवाली का पर्व हमेशा सायंकाल में मनाया जाता है इसलिए छोटी दिवाली का पर्व 30 अक्टूबर 2024 दिन बुधवार को मनाया जाएगा.
छोटी दिवाली के दिन जरूर करें यह काम
शास्त्रों में बताया गया है कि छोटी दिवाली के दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था. साथ ही दिवाली से एक रात पहले दक्षिण दिशा की तरफ यम के नाम का दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीप कहा जाता है. मान्यता है कि दिवाली से एक दिन पहले यम के नाम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है.
साथ ही यमराज से प्रार्थना की जाती है कि वे नरक के द्वार बंद कर दें और सभी पर अपनी कृपा करें. साथ ही छोटी दिवाली के दिन स्नान के दौरान तिल के तेल से शरीर की मालिश की जाती है और अपामार्ग पौधे को सिर के ऊपर से चारों ओर तीन बार घुमाने का भी प्रचलन है.
छोटी दिवाली का महत्व
छोटी दिवाली को सौन्दर्य प्राप्ति और आयु व बल की प्राप्ति का दिन भी माना जाता है. कहीं कहीं पर इस दिन हनुमान जयंती का पर्व भी मनाया जाता है. इस दिन लोग घर, दुकान, कारोबार आदि जगहों की साफ सफाई करके फूलों व लाइट से सजावट की जाती है. फिर शाम के समय बुराई के अंधेरे को दूर करने के लिए एक दीपक भी जलाया जाता है. यह चौमुखा दीपक होता है और ये आटे का बना होता है, जिससे घर के बाहर रखा जाता है. छोटी दिवाली का दिन केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक मेल जोल का भी होता है. इस दिन दोस्तों व रिश्तेदारों के घर मिठाई जाकर बांटते हैं और दिवाली की बधाइयां भी देते हैं.
किस दिन कौन सा पर्व
- 29 अक्टूबर धनतेरस
- 30 अक्टूबर नरक चतुर्दशी
- 31 अक्टूबर दीपावली
- 2 नवंबर अन्नकूट व गोवर्धन पूजा
- 3 नवंबर यम द्वितीया, भाई दूज, चित्रगुप्त पूजा

