ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, जर्मनी, अमेरिका, बरहीन, दुबई सहित कई देशों की कंपनियों ने निवेश का वादा किया है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश से मध्य प्रदेश में रोजगार के द्वार खुलने वाले हैं. एमपी सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि विदेशों से आने वाले 31,551 करोड़ की राशि से 17827 लोगों को रोजगार का लाभ मिलेगा. सरकार का कहना है कि विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश आएगा.
31,851 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव दिए
बता दें कि विगत दिनों मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने वाले विदेशी निवेशकों ने दिल खोलकर मध्य प्रदेश में निवेश का वादा किया है. जापान, जर्मनी, अमेरिका, बरहीन, दुबई सहित कई देशों की विभिन्न कंपनियों द्वारा 31,851 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव दिए. इससे 17,827 लोगों को नौकरी मिलेगी. जर्मनी की ओर से 1500 करोड़ के निवेश का वादा किया गया है जबकि बरहीन की कंपनी इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 20000 करोड़ का निवेश करेगी.
प्रदेश की 82 औद्योगिक ईकाइयों का किया गया भूमि-पूजन और लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम की इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर मिला कर 31 हजार 800 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 1200 से अधिक इकाइयों को प्रोत्साहन स्वरूप 367 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल से प्रदेश की 82 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। कुल 2585 करोड़ रुपए निवेश की इन इकाइयों से लगभग 5800 व्याक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 98 इकाइयों को 163 एकड भूमि के लिए आशय पत्र/आवंटन आदेश जारी किये. कुल 911 करोड़ के निवेश से लगने वाली इन इकाइयों से 4 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आद्योगिक क्षेत्र माना (बुधनी) में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिती में देश की असीम पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और फिक्की के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ.
प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन स्तर में आएगा बदलाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव की दिशा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव महत्वपूर्ण कदम है. आज हुए कॉन्क्लेव में कई औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन और लोकार्पण संपन्न हुए. नर्मदापुरम में हुए इस आयोजन से संपूर्ण प्रदेश जुड़ा, एमएसएमई के लिए उद्यमियों के खातों में सहायता राशि जारी की गई, इसी प्रकार उद्योग समूहों को भी प्रोत्साहन प्रदान किये गये. यह इस बात का परिचायक है कि राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए कृत-संकल्पित हैं.
प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि-पूजन के लिए किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वर्ष-2014 के बाद देश का परिदृष्य सकारात्मक रूप से बदला है. संपूर्ण विश्व में देश की विकासोन्मुखी आदर्श छवि निर्मित हुई है. भारत, इंगलेंड को पीछे छोड़ आज विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत विश्व का सबसे युवा देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र है, प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रभाव के परिणामस्वरूप विश्व के सभी देशों को भारत की व्यवस्थाओं पर भरोसा है. मध्यप्रदेश भी प्रगति-पथ पर निरंतर अग्रसर है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 20 वर्ष में नर्मदा मैया की कृपा से प्रदेश की कृषि विकास दर लगभग 25 प्रतिशत हुई है, जो बड़ी उपलब्धि है. इस वर्ष पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) योजना पर राजस्थान के साथ समन्वित योजना पर सहमति हुई है. इसमें 70 हजार करोड़ रुपए की परियोजना पर स्वीकृति प्राप्त की है. इससे दोनों राज्य समन्वित रूप से जल का उपयोग कर सकते है. इससे चंबल और मालवा के कई जिलों में सिंचाई सुविधा, पेयजल आपूर्ति आदि के प्रबंध हो सकेंगे. इसी प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल विहारी बाजपेयी के नदी जोडो अभियान के स्वप्न को साकार करते हुए केन-बेतवा परियोजना कार्य शीघ्र आरंभ किया रहा है. परियोजना के भूमि-पूजन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को आमंत्रित किया गया है. यह बुदेलखंड वासियों का जीवन बदलने की परियोजना सिद्ध होगी. प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के साथ एक लाख करोड़ की यह परियोजना क्रियान्वित की जाएगी. इससे बुदेलखंड क्षेत्र के लगभग 30 जिलों को लाभ होगा.

