एमपी सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल के ‘भीख मांगने’ वाले बयान को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जनता का अपमान बताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का कर्ज लेना भीख नहीं तो क्या है.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP News: मध्य प्रदेश में इन दिनों सियासी बयानों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की पंचायती राज मंत्री प्रहलाद पटेल के बयान पर पलटवार किया है. प्रहलाद पटेल ने राजगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है. इस बयान को जीतू पटवारी ने अहंकार से भरा और अपमानित बताया है.
BJP ‘भिखारी’ कहकर अपमानित करती है
जीतू पटवारी ने कहा कि जब जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती है, जब किसान, महिलाएं, युवा और कर्मचारी अपने हक की मांग करते हैं, तो BJP उन्हें ‘भिखारी’ कहकर अपमानित करती है. उन्होंने पूछा, जब BJP कर्ज लेती है, घोटाले करती है और नेता कमीशनखोरी में लिप्त होते हैं, तो क्या वह भी भीख नहीं?
उन्होंने कहा कि BJP सरकार जनता को भीख मांगने का ताना देती है, लेकिन खुद राज्य को कर्ज के दलदल में धकेल रही है. मध्य प्रदेश सरकार पर आज लाखों करोड़ रुपये का कर्ज है. हर साल सरकार हजारों करोड़ रुपए का नया कर्ज लेती है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है.
कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी चरम पर है- जीतू
जीतू पटवारी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकार 3.5 लाख करोड़ के कर्ज के बावजूद विकास का ढोंग कर रही है, जबकि जनता तक लाभ नहीं पहुंचता. BJP का कर्ज विकास कहलाता है, लेकिन जनता की मांग भीख मानी जाती है. प्रदेश में हर विभाग में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी चरम पर है. सरकार के बड़े-बड़े नेता और अधिकारी जनता के पैसे पर सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं और जब जनता अपने हक की मांग करती है, तो उसे भिखारी कहा जाता है.
पटवारी ने BJP सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि व्यापमं, ई-टेंडरिंग, पटवारी-शिक्षक भर्ती और सिंचाई घोटालों से जनता लूटी गई. अगर नेता घूसखोरी करें, तो क्या यह भीख नहीं है?

