राम नवमी के शुभ अवसर पर लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे. आज के पावन दिन पर राम लला का सूर्य तिलक किया गया. जानते हैं आज अयोध्या राम मंदिर में क्या हुआ?
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Ayodhaya Ram Mandir: राम नवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्री राम की जन्म भूमि अयोध्या में आज सुबह से ही मंदिर परिसर में विविध कार्यक्रम शुरू हो गए थे. आज 6 अप्रैल, रविवार के दिन सरयू नदी के घाट पर हजारों की संख्या में लोगों ने आस्था की डूबकी लगाई. रामनवमी का पर्व आज पूरे देश में बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. हर साल चैत्र माह की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व मनाते हैं. राम नवमी के शुभ अवसर पर लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे. आज के पावन दिन पर राम लला का सूर्य तिलक किया गया. जिसका दर्शन श्रद्धालु-भक्तों ने किया.
रामलला का अभिषेक किया गया
सरयू स्नान में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं नागेश्वर नाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और राम मंदिर के भी दर्शन किए. प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के दिन सबसे पहले आज रामलला का अभिषेक किया गया, अभिषेक बाद रामलला को भोग प्रसाद लगाया गया.
दर्शन मिलते ही अपने आप को सौभाग्यशाली माना
इस दिव्य पल को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग आज अयोध्या पहुंचे थे और इसके साक्षात दर्शन करने के बाद अपने आप को सौभाग्यशाली माना.
राम मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ स्थापित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जानकारी लगी है कि राम मंदिर स्थापना के 2 वर्ष बाद अयोध्या धाम श्रीराम मंदिर में दुनिया का पहला ‘श्री राम यंत्र’ स्थापित किया गया है, इस विशेष और ऐतिहासिक अवसर पर नौ दिवसीय अनुष्ठान भी चल रह है, जिसमें देशभर के संत, महात्मा वैदिक विद्वान शामिल हो रहे हैं. चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम की आरती-पूजा की. हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च 2026 को यह यंत्र स्थापित किया गया. धार्मिक विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अयोध्या राम मंदिर में स्थापित होने वाला श्री राम यंत्र पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा. इसलिए इसे धर्म, अध्यात्म और ज्योतिष का अद्भुत संगम बताया जा रहा है.
क्या है श्री राम यंत्र
धर्म शास्त्रों और सतानत परंपरा में यंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है- जैसे श्री यंत्र, कुबेर यंत्र और नवग्रह यंत्र आदि की स्थापना व पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में हर देवता का एक यंत्र होता है, जिनकी उपसना पद्धति विभिन्न विधि से होती है. इसी प्रकार राम यंत्र की उपासना पद्धति भी विशेष है. श्री राम यंत्र को भी भगवान राम की दिव्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि, श्री राम यंत्र जहां भी होता है, वहां वातावरण शुद्ध होता है, क्योंकि वह स्थान पवित्र हो जाता है.
श्री राम यंत्र का ज्योतिषीय रहस्य
- ज्योतिष के अनुसार श्री राम यंत्र का संबंध गुरु और धर्मभाव से जोड़ा जाता है. गुरु ज्ञान, धर्म और सदाचार के कारक ग्रह हैं. ग्रहों की ऊर्जा संतुलित से जीवन में धर्म, सकारात्मकता, सफलता और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है.
- श्री राम यंत्र का संबंध गुरु ग्रह से इसलिए भी जोड़ा जाता है, क्योंकि भगवान राम का जन्म कर्क लग्न में बताया जाता है, जहां गुरु उच्च राशि (कर्क) में स्थित होकर गजकेसरी योग बनाते हैं.
- यह यंत्र ज्ञान, धर्म, और मर्यादा के प्रतीक भगवान राम की कृपा से जीवन में ज्ञान, सौभाग्य और मानसिक शांति के लिए पूजा जाता है.
- भगवान राम सूर्यवंशी और विष्णु के अवतार हैं. इसलिए उन पर सूर्य का भी प्रभाव माना जाता है. सूर्य आत्मबल और नेतृत्व का प्रतीक है.
अभिजीत मुहूर्त पर यंत्र की हुई स्थापना
यहां बतादें कि पिछले 2 वर्षों से राम मंदिर परिसर में इस यंत्र को सुरक्षित रखा गया है और नियमित रूप से इसकी विधिवत पूजा की जाती रही है. अब चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर को यंत्र को वैदिक विधि से स्थापित किया गया है. अभिजीत मुहूर्त में स्थापित श्रीराम यंत्र मनोवांछित फल देने वाला है.
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