अमृत-2.0 जल प्रदाय योजना का काम शुरू, रांझी, मानेगांव, मोहनिया, घमापुर, सिद्धबाबा, कांचघर में बिछाई जाएगी मेन राइजिंग लाइन
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP News Jabalpur : एमपी के जबलपुर में अमृत-2.0 जल प्रदाय योजना का काम शुरू हो गया है. इसके तहत मेन राइजिंग लाइन डाली जा रही है. इसक बाद 18 उच्चस्तरीय टंकियों का निर्माण शुरू होगा. बता दें कि जबलपुर में जलापूर्ति के लिए बड़ा फीडर नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इसके लिए ललपुर गौरीघाट से लेकर रांझी जल शोधन संयंत्र और भोंगाद्वार के लिए मेन राइजिंग लाइन बिछाई जाएगी. वहीं टंकियों से कालोनियों तक जलापूर्ति के लिए करीब पौने पांच सौ किलोमीटर सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी.
312 करोड़ रुपये की है योजना
जल जीवन मिशन के तहत 312 करोड़ का प्रोजेक्ट जबलपुर में लांच हुआ है. जिसमें रांझी, मानेगांव, मोहनिया, घमापुर, सिद्धबाबा, कांचघर में मेन राइजिंग लाइन बिछाई जाएगी. रांझी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू करने तैयारी शुरू कर दी है. 312 करोड़ के जल प्रदाय प्रोजेक्ट के तहत 44 किलोमीटर से ज्यादा का फीडर नेटवर्क तैयार किया जाना है. इसका बड़ा हिस्सा घमापुर से रांझी के बीच होगा. रांझी में बनने वाले 55 एमएलडी के फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाया जाएगा.
गौरीघाट से कटंगा के बीच काम जारी
गौरीघाट स्थित नर्मदा तट ललपुर में इंटेकवेल निर्माणाधीन है. इस पपिंग स्टेशन से रेत नाका, पोलीपाथर, रामपुर, कटंगा मार्ग तक मेन राइजिंग लाइन बिछाने का काम जारी है. इसके बाद सदर होते हुए एक मेन राइजिंग लाइन रेलवे पुल नं 3 होते हुए प्लेटफार्म नंबर-6 से घमापुर, कांचघर, जीसीएफ, गोकलपुर होते हुए रांझी जल शोधन संयंत्र तक जाएगी. वहीं दूसरी मेन राइजिंग लाइन भारतमाता चौक सदर होते हुए भोंगाद्वार जल शोधन संयंत्र की जाएगी.
जल प्रदाय योजना अमृत फेज-2
- 312 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
- 44 किलोमीटर फीडर नेटवर्क तैयार किया जाना है
- 20 किलोमीटर रॉ-वाटर पपिंग मेन राइजिंग लाइन डाली जा रही है.
- 476 किलोमीटर जल वितरण पाइप लाइन बिछाई जाएगी.
- 55 एमएलडी का प्लांट रांझी में तैयार होगा.
- 18 टंकियों तक पहुंचाया जाएगा नर्मदा जल
सड़क खोदकर डाली जा रही पानी की पाइप लाइन
पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे रांझी क्षेत्र में नर्मदा जल पहुंचाने की पहल शुरू हुई है. जिसके तहत सड़क को बेरहमी के साथ खोदा जा रहा है और मेन राइजिंग लाइन डाली जा रही है. नर्मदा रोड पर लगभग मेन राइजिंग लाइन का काम हो चुका है. कुछ हिस्सों में अभी भी काम चल रहा है. इसके लिए सड़क को जगह-जगह खोदकर मेन राइजिंग लाइन को जोड़ा जा रहा है. जिससे रांझी क्षेत्र में जल्द गर्मी के दिनों में पीने का पानी पहुंचाया जा सके.
घरों में नहीं पहुंच पा रहा पीने का पानी
गौरीघाट रोड और ललपुर रोड पर जहां भी अमृत-2.0 के तहत काम चल रहा है. उस क्षेत्र की मुख्य सड़क के बीच में मेन राइजिंग लाइन डालने के लिए खोदा जा रहा है. इस मेन लाइन की जद में आसपास के रहवासी भी आ गए हैं और उनके घर पर किया गया नल कनेक्शन टूट गया है, जिसके कारण अधिकांश घरों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है और लोगों को यहां वहां भटकना पड़ रहा है. अधिकांश लोगों ने तो बोरिंग का पानी पीने के लिए मजबूर हैं.
री-स्टोरेशन के काम में नहीं दिख रही तेजी
नगर निगम के अधिकारी री-स्टोरेशन कराने पर जोर नहीं लगा रहे हैं, जिसके कारण पानी की पाइप लाइन डालने वाली ठेका कंपनी मंथरगति से काम कर रही है और री-स्टोरेशन का काम भी मंथरगति से कर रही है, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है. निगमायुक्त यदि सख्ती बरत देते हैं तो री-स्टोरेशन के काम में तेजी आ जाएगी.
आए दिन हो रहे हादसे
मेन राइजिंग लाइन डालने के दौरान सड़क पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं और लोग फिसलकर गिर रहे हैं. उन्हें अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. ठेका कंपनी पर आखिरकार अधिकारी क्यों मेहरबान हैं? यह समझ से परे है. जबकि ठेका कंपनी को पानी की पाइप डालन का ठेका निर्धारित रेट पर दिया गया है और उस कंपनी पर दबाव बनाकर काम कराया जा सकता है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के उक्त कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करने से डर लग रहा है. जिसके कारण आम आदमी अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है.

