मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Helicopter Service: मध्य प्रदेश में आने वाले पर्यटक धार्मिक स्थलों और नेशनल पार्कों तक जाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग करेंगे. एमपी में अब पर्यटक यात्रा हेलीकाप्टर से होगी. इसके लिए प्रदेश सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) का सहारा लिया है, जिसके तहत हवाई अड्डों, हेलीपैड एवं हवाई पट्टियों की देखरेख की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दी जाएगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित आज मंगलवार (23 सितंबर) को हुई मंत्री-परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. बतादें कि मंत्रिमंडल ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत निजी संचालकों के सहयोग से राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर सेवा संचालन को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, नेशनल पार्क और पर्यटक स्थलों के लिए किफायती हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है.
तीन सेक्टरों में होगा हैलीकॉप्टर का संचालन
सेक्टर-1-
इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे.
सेक्टर-2-
भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे.
सेक्टर-3-
जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा.
हैलीकॉप्टर सेवा का उद्देश्य
प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है. इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा. इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा.
सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं. इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे.

