राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से बनाए जा सकते हैं मंत्री, बीजेपी का दबदबा भी देखने को मिलेगा
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
NDA Government Formation: आज (19 नवंबर, 2025) को नीतीश कुमार स्तीफा देंगे और नए मंत्रिमंडल का गठन भी हो जाएगा. एनडीए अपने विधायक दल के नेता का चयन भी करेगी. हालांकि सीएम फेस निश्चित हो चुका है और नीतीश कुमार कल (गुरुवार) को मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे. लेकिन कैबिनेट मंत्रियों का चयन आज हो जाएगा, जिसमें उपमुख्यमंत्री और मंत्री पद का चयन होगा. आज शाम तक गृह मंत्री अमित शाह पटना आएंगे. बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पहले ही पटना पहुंच चुके हैं.
11.30 बजे होगा शपथ ग्रहण
बिहार में नई सरकार के लिए कल (20 नवंबर, 2025) सुबह 11:30 बजे पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण का समय निश्चित किया गया है. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं. डिप्टी सीएम के लिए रेस में बीजेपी से सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय और विजय कुमार सिन्हा का नाम है. विजय सिन्हा का नाम स्पीकर पद के लिए भी रेस में है.
इन नामों पर होगा मंथन
बीजेपी से मंत्री पद के लिए नितिन नवीन, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद का नाम लगभग फाइनल है. वहीं एक या दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं. सबसे बड़ी बात है कि महिला को भी डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा जोरों पर है. आपको बता दें कि बीजेपी से रेण देवी बिहार में उपमुख्यमंत्री रह चुकी हैं.
जेडीयू कोटे से इन मंत्रियों का नाम हो सकता है शामिल
सूत्रों की मानें तो जेडीयू कोटे के कई पुराने मंत्रियों को रिपीट किया जा सकता है. इनमें बिजेंद्र यादव, विजय कुमार चौधरी, जमा खान, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, रत्नेश सदा और मदन सहनी का नाम शामिल हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, नए चेहरे में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और कलाधर मंडल को मंत्री बनाया जा सकता है.
दूसरी ओर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता मंत्री बन सकती हैं. वहीं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) से राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष फिर से मंत्री बनाए जा सकते हैं. वह अभी भी मंत्री हैं.
जायसवाल भी डिप्टी सीएम की रेस में
बीजेपी कोटे से पुराने मंत्रियों को रिपीट किया जा सकता है उनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, जनक राम का नाम है. नए चेहरों की बात करें तो श्रेयसी सिंह और रमा निषाद को मंत्री बनाया जा सकता है. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी डिप्टी सीएम की रेस में हैं. विजय कुमार सिन्हा डिप्टी सीएम, स्पीकर और प्रदेश अध्यक्ष तीनों के लिए रेस में हैं. रामकृपाल यादव भी स्पीकर या मंत्री बनाए जा सकते हैं. प्रेम कुमार भी स्पीकर पद के लिए रेस में हैं.
2000 में पहली बार CM पद से त्यागपत्र
मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार का पहला त्यागपत्र 2000 में हुआ था. 2005 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की भारी जीत के बाद 24 नवंबर 2005 को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली. उस समय बिहार जंगल राज की छवि से जूझ रहा था. अपराध, भ्रष्टाचार और विकास की कमी चरम पर थी. 2005 का यह कार्यकाल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ सड़क निर्माण और घर-घर बिजली पहुंचाने पर जोर दिया.
नीतीश के इस्तीफों की संख्या भी कम नहीं
नीतीश ने पहली बार 10 मार्च 2000 को सीएम पद से इस्तीफा दिया था. तब वे सिर्फ सिर्फ 7 दिन सीएम रह पाए थे. लोकसभा चुनाव के खराब नतीजों के बाद नीतीश ने पार्टी को मजबूत करने का फैसला लिया. उन्होंने 17 मई 2014 को जेडीयू की हार की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए दूसरी बार सीएम पद से इस्तीफा दिया. उन्होंने अपनी जगह जीतन राम मांझी को सीएम बनाया. मांझी तीसरे दलित सीएम बने थे. महागठबंधन से रिश्ते खराब होने के कारण उन्होंने एनडीए के साथ जाने का फैसला किया. उन्होंने 26 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. यह उनका तीसरा इस्तीफा था. भाजपा से अनबन हुई तो उन्होंने 9 अगस्त 2022 को इस्तीफा देकर महागठबंधन में वापसी कर ली. यह उनका चौथा त्यागपत्र था. 5वीं बार उन्होंने इस्तीफा 28 जनवरी 2024 को दिया और एनडीए के साथ सरकार बनाई. 30 मार्च 2026 को राज्यसभा जाने के लिए उन्होंने सीएम के रूप में 10वीं शपथ के महज 4 महीने बाद ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है. यह उनके सियासी जीवन का छठा त्यागपत्र था. जाहिर है कि राज्यसभा का सदस्य बन कर वे सीएम नहीं रह सकते, इसलिए अब उनका 7वां इस्तीफा होने वाला है.

