साल 2025 का आखिरी माह चल रहा है. इस साल भारत के धार्मिक मंदिर विशेष चर्चा में रहे, जिन्हें विशेष रूप से इलेक्ट्रानिक, सोशल और प्रिंट मीडिया में जगह दी गई और उसके पीछे कारण कौन से हैं? जानें…
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
2025 Year Ender events: साल के आखिरी माह दिसंबर प्रारंभ हो गया है. ऐसे में भारत के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम और मंदिर इलेक्ट्रानिक, सोशल और प्रिंट मीडिया में सुर्खियों में बने रहे और उन्हें न्यूज चैनलों ने प्रमुखता से स्थान दिया. आखिरकार इन मंदिरों और धार्मिक स्थलों में ऐसी कौन सी घटनाएं घटित हुईं जो न्यूज का हिस्सा बन गईं. उन सभी प्रमुख घटनाओं को हम बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 प्रमुख घटनाएं..
क्यों रहे ये स्थान चर्चित?
प्रमुख धार्मिक स्थानों में कई ऐसी घटनाएं घटित हुईं. जिसके कारण न केवल धार्मिक स्थल बल्कि प्रमुख आयोजन भी इस साल चर्चा का विषय बने रहे. भारत में भगवान के प्रति आस्था और वैज्ञान आपस में जहां टकराते हैं. इसके बावजूद लोगों में पुरानी परंपराएं और मान्यताएं आज भी प्रासंगिक हो रही हैं. यह देश और समाज के लिए चिंतनीय है. क्योंकि कई ऐसी घटनाएं हैं, जिसमें विज्ञान भी सटीक जानकारी नहीं दे पाता है.
चर्चित धार्मिक स्थल और उसका कारण
प्रयागराज महाकुंभ-2025
साल 2025 की शुरुआत जनवरी से प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन से शुरू हुआ. जिसकी चर्चा न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक रही. इसके पीछे सोशल, इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया का अहम रोल रहा. बारह साल में संगम (sangam) के तट पर महाकुंभ मेले (Maha Kumbh Mela 2025 ) का आयोजन हुआ. यहां गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर श्रद्धालुओं ने स्नानकर पुण्य लाभ अर्जित किया. इस महाकुंभ में पहली बार उत्तर से दक्षिण भारत तक के लोग लंबा सफर तय करके प्रयागराज पहुंचे और गंगा मां में डुबकी लगाई. इतना ही नहीं विदेशी संतों के शिविर में पहुंचकर हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पूजन-पाठ किया और गंगा में स्नान किया. जिसके कारण यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया.

जगन्नाथ मंदिर
अप्रैल 2025 को पुरी का जगन्नाथ मंदिर भी चर्चित रहा, क्योंकि मंदिर पर लहराता ध्वज गरुण या चील पक्षी ले उड़ा था. इस घटना के बाद कई अनहोनी की दस्तक का अनुमान लगाया गया. ज्योतिष विशेषज्ञ इस घटना को एक अपशकुन के तौर पर देखा. इस प्रकार की मान्यताएं वर्षों से चली आ रही हैं. जिन्हें आज भी भी सामाजिक रूप से दिया जा रहा है और इस घटना के बाद जो भी अशुभ फल देखने को मिलते हैं. वह चर्चा का विषय बन जाते हैं.
महाकालेश्वर मंदिर
मई 2025 को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भीषण अग्नि हादसा हो गया. यह आग शंख द्वार के पास एक कार्यालय की बेटरियों में लगी थी. हलांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. लेकिन यह अग्नि हादसा न्यूज चैनलों में चर्चा का विषय बन गया. जैसे ही यह घटना देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंची. भगवान की आस्था रखने वाले लोग कयास लगाने लगे कि कोई न कोई अशुभ घटना जरूर घटित होगी. कई बार ऐसी घटनाएं हो भी जाती हैं, जिससे ऐसी मान्यताओं को बल मिल जाता है.
काशी विश्वनाथ मंदिर
अगस्त 2025 को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर (white owl spotted kashi vishwanath temple) में एक दुर्लभ और दिलचस्प घटना हुई, जिसने सबका ध्यान इस मंदिर की ओर खींचा. यहां मंदिर की शिखर पर सफेद उल्लू तीन दिन तक बैठा रहा. इसे बेहद शुभ माना गया, क्योंकि उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है. यह घटना पहलीबार होना बताया जा रहा है. इसे भी अशुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है. आस्थावान लोग इसे ठीक नहीं मान रहे हैं और देश में अशांति का वातावरण का संकेत मान रहे हैं.

अयोध्या राम मंदिर
25 नवंबर को अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण प्रधानमंत्री के हाथों किया गया, जो चर्चा का विषय बन गया. यहां पीएम नरेन्द्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हाथों मंदिर की शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया, जिसमें कई बड़े साधु संत शामिल हुए. यह कार्यक्रम देश-विदेश में चर्चा का विषय बना रहा. क्योंकि लंबे समय बाद आयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर तैयार हुआ था. जिस प्रकार भारत के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी थी. ठीक उसी प्रकार का आयोजन यहां आयोजित हुआ.
Source : DB News Update

