प्रयागराज माघ मेला मुख्यमंत्री द्वारा मेला सेवा ऐप कर कोड का अनावरण किया गया और विद्युत विभाग की तारीफ भी की.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Magh Mela 2026 : प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में आज सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा रहा. इस अवसर पर उन्होंने गंगा स्नान किया और मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया. गौ पूजन के साथ गंगा में विचरण कर रहे पक्षियों को दाना खिलाया. सीएम के साथ स्वतंत्रदेव सिंह भी साथ में थे और उन्होंने भी मां गंगा स्नान किया. माघ मेला क्षेत्री की व्यवस्था देखते हुए लेटे हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां लेटे हनुमान जी का पूजन-अर्चन किया. इस अवसर पर क्यूआर कोड आधारित एप का उद्घाटन भी किया.
श्रद्धालुओं की सुविधा देने के उद्देश्य से एप की पहल
माघ मेला आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेला प्रशासन ने एक डिजिटल पहल की है. इसके तहत मेला क्षेत्र में लगाए गए 15,500 विद्युत खंभों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं जिसके जरिये श्रद्धालु मेला सेवा एप के माध्यम से सीधे प्रशासन से जुड़ सकेंगे.
कैसे करेगा क्यूआर काम
क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालुओं के मोबाइल पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरकर शिकायत दर्ज की जा सकेगी या आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. मेला अवधि में लाउडस्पीकरों के शोर के कारण फोन पर शिकायत करना कठिन होता है. ऐसे में यह डिजिटल व्यवस्था कंट्रोल रूम तक शिकायत पहुंचाने में सहायक होगी. इससे त्वरित निस्तारण भी संभव हो सकेगा.
सटीक लोकेशन पर पहुंच सकेंगे श्रद्धालु
क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु अपनी सटीक लोकेशन प्रशासन के साथ साझा कर सकेंगे. प्रत्येक विद्युत खंभे पर संबंधित सड़क का नाम, सेक्टर का नाम और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित किया गया है जिससे श्रद्धालुओं को हर समय अपनी स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी. हर 25 मीटर के अंतराल पर लगे इन खंभों से नजदीकी अस्पताल, पुलिस चौकी, स्नान घाट, पार्किंग और जन-आश्रय स्थलों की सटीक जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी.
क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र का विस्तृत डिजिटल नक्शा भी उपलब्ध होगा. यदि कोई परिचित या संबंधी बिछड़ जाता है तो नजदीकी विद्युत खंभे पर अंकित गूगल कोड के माध्यम से गूगल मैप पर उसकी लोकेशन आसानी से खोजी जा सकेगी. पार्किंग के समय खंभे का जी-कोड नोट कर लेने से लौटते समय वाहन तक पहुंचना भी आसान होगा.
1920 हेल्पलाइन नंबर भी जारी
प्रशासन का कहना है कि सभी खंभों की यूनिक नंबरिंग की गई है जिससे केवल खंभा नंबर बताने पर भी कंट्रोल रूम तत्काल सही लोकेशन ट्रेस कर सकेगा. इसके अतिरिक्त मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी और अधिक व्यापक रूप में पुनः संचालित किया गया है. इसके माध्यम से श्रद्धालु सीधे कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. मेला प्रशासन का मानना है कि यह डिजिटल व्यवस्था माघ मेले को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.
माघ मेले के लिए यह कार्यक्रम निर्धारित था
मुख्यमंत्री त्रिवेणी इंटरप्राइजेज कॉन्फ्रेंस सेंटर, ट्रिपल आईसी सभागार पहुंचेगे. वहां वे माघ मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में आगामी प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी को लेकर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा और आवासीय सुविधाओं पर विशेष चर्चा होगी. अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.
सीएम ने व्यवस्था बेहतर बनाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों ने बताया कि अब तक 31 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. मकर संक्रांति पर लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. वहीं, मौनी अमावस्या पर 3.5 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है. इन्हीं आंकड़ों को ध्यान में रखकर करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में माघ मेला को मिनी कुंभ की तर्ज पर आयोजित किया गया है.
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3.20 बजे झलवा स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पहुंचेगे. वहां चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे. विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर शैक्षणिक एवं बुनियादी सुविधाओं की जानकारी लेंगे. शाम करीब 5.00 बजे तक भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. शाम 5.10 बजे अमौसी के लिए प्रस्थान करने का कार्यक्रम है.

