अक्षय तृतीया का पर्व साल यानि 2026 में अप्रैल माह में पड़ रही है, इस दिन सोना-चांदी खरीदने का सबसे अच्छा मुहूर्त है.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Akshaya Tritiya 2026: सनातन हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया का पर्व धन-संपदा संग्रहण की दृष्टि से बहुत ही शुभ माना गया है. इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है जोकि हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है. साल 2026 में अक्षय तृतीया कब पड़ रही है? आइए जानते हैं. इस दिन खरीददारी करने वाले लोग साल भर इंतजार करने के बाद किन जरूरत की वस्तुओं की खरीदी करते हैं? किन वस्तुओं को खरीदने का महत्व है? और इसी दिन धन-संपदा से जुड़ी संपत्तियों को खरीदने से क्या फल मिलता है?
कब है अक्षय तृतीया 2026 पर्व
हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया हर साल वैशाख शुक्ल की तृतीया को ही पड़ती है. लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक हर साल तिथि में अंतर होता है. बता दें कि अक्षय तृतीया जब बुधवार और रोहिणी नक्षत्र में पड़ती है तो इसे अधिक शुभ माना जाता है. इस साल यानी 2026 में अक्षय तृतीया रविवर 19 अप्रैल को पड़ेगी. इस दिन खरीददारी करने का अलग महत्व बताया गया है. इस दिन जरूरत की साामग्री खरीदी करने के लिए हिंदू धर्म को मानने वाले लोग इंतजार करते हैं.
सोना-चांदी सहित धन-संपदा खरीदारी का मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल 2026 में अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी की खरीदारी के लिए शुभ मुहुर्त रविवार 19 अप्रैल 2026 सुबह 10 बजकर 49 मिनट से अगले दिन (20 अप्रैल 2026) सुबह 5 बजकर 51 मिनट कर रहेगा. ऐसे में पूरे दिन खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त रहने वाला है.
अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?
अक्षय का अर्थ होता है, जिसका क्षय न हो. यानि जो कभी खत्म या नष्ट न हो. इसलिए ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया खरीदरी गई वस्तु या किए गए कामों में वृद्धि होती है. अक्षय तृतीया सौभाग्य और सफलता प्रदान करने वाली शुभ तिथि होती है. इस दिन खरीदारी के साथ ही जप, यज्ञ, पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करने का भी महत्व है.
अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर कई पौराणिक और धार्मिक कथाएं व मान्यताएं प्रचलित है. इस तिथि को लेकर ऐसी मान्यता है कि, त्रेयायुग का आरंभ अक्षय तृतीया की तिथि से हुआ था, भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि को हुआ, मान्यता है कि वर्षों बाद कृष्ण और सुदामा भी अक्षय तृतीया के दिन मिले, महाभारत युद्ध की समाप्ति भी अक्षय तृतीया के दिन मानी जी है.
अक्षय तृतीया के दिन क्या करें
- -अक्षय तृतीया के दिन पीली कौड़ी घर लााना चाहिए.
- -जौ या पीली सरसो घर लाना शुभ माना गया है.
- -मकान-दुकान की खरीदी कर सकते हैं.
- -फर्नीचर खरीदना भी फलदायी माना गया है.
- -किताब-कॉपी खरीदना भी शुभ माना गया है.
- -चांदी-कांसे के बर्तनों की खरीदी करना शुभ है.
- -मिट्टी-कांसे का कलश खरीदना चाहिए.
इन वस्तुओं की खरीदी बिल्कुल भी न करें
- -स्टील के बर्तनों की खरीदी बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.
- -काले कपड़ों की खरीदी करना इस दिन शुभ नहीं माना जाता है.
- -पेड़-पौधों की खरीदी करते समय कांटेदार पौधा खरीदकर घर लाना शुभ नहीं है.
- -प्लॉस्टिक के बर्तनों को खरीदना भी शुभ नहीं है.
किन वस्तुओं का दान करने का महत्व
- -अक्षय तृतीया के दिन गुड़ का दान करना चाहिए.
- -अक्षय तृतीया के दिन चावल-सोना और चांदी का दान करने का महत्व बताया गया है.
- -लाल चुनरी में नारियल रखने से धन संपदा में वृद्धि होती है.
- -भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाने का महत्व है.
- -अक्षय तृतीया के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करना चाहिए.
- -घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु और लक्ष्मी के पूजन का महत्व है.
पूजा-पाठ का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया के दिन पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का अच्छा दिन है. भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है.
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