परीक्षा पे चर्चा: पीएम नरेंद्र मोदी बोले, एक साल में हर विदेशी चीज को स्वदेशी से बदलें, 2026 के 9वें एडिशन में पीएम छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने में मदद करने और लर्निंग पर फोकस करने के टिप्स दिए.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) कार्यक्रम में देशभर के छात्रों से पीएम नरेंद्र मोदी बातचीत की. इस दौरान पीएम ने छात्रों से तनाव-मुक्त रहते हुए पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कहा. बतादें कि परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का आज 27 जनवरी को वीडियो रिलीज हुआ, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए. देश के 5 राज्य दिल्ली, कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), देव मोगरा (गुजरात) और गुवाहाटी (असम) में छात्रों से पीएम नरेन्द्र मोदी सीधे बातचीत की. पीपीसी के 9वें एडिशन में 4.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड पार्टिसिपेंट्स और 2.26 करोड़ एक्स्ट्रा लोग बताए जा रहे थे, जिन्होंने अलग-अलग एक्टिविटीज में हिस्सा लिया.
PM मोदी ने X पर एक संदेश पोस्ट किया है, जिसमें लिखा-
इस बार परीक्षा पे चर्चा जरूर देखें। इस साल बहुत ही दिलचस्प विषय हैं, खासकर तनाव-मुक्त रहने की जरूरत, सीखने पर ध्यान देना और भी बहुत कुछ। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका मैंने हमेशा आनंद लिया है, क्योंकि यह मुझे देश भर के होशियार दिमागों के साथ बातचीत करने का मौका देता है।”
विकसित भारत को अपना सपना बनाएं-PM
आजादी के जब 100 साल पूरे होंगे तब आप लोग 39-40 साल के होंगे. आपको अभी से विकसित भारत को अपना सपना बनाना चाहिए. भगत सिंह आजादी का सपना दिल में रखकर फांसी पर झूल गए. जो आजादी से 25 साल पहले, 30 साल पहले बलिदान किए गए, उसी से आजादी मिली. अपना सपना बनाएं कि विकसित भारत के लिए मुझे क्या करना है.
पीएम ने छात्रों को दिए टिप्स
- छात्रों से पीएम ने कहा- कभी देखा है कि फुटपाथ पर कोई गरीब महिला भी जब टीवी पर किसी घटना के बारे में बताती है तो कितने आत्मविश्वास से बात करती है. क्या उसने इंटरव्यू की कोई प्रैक्टिस की है? नहीं. उसका आत्मविश्वास आता है सच्चाई है. उसे पता है कि उसने जो देखा वही कहना है. आप भी अपने किए हुए पर भरोसा रखें तो प्रेजेंटेशन का डर भाग जाएगा.
- भारत देश कहानियों से भरा हुआ है. आप खुद के गेम बनाओ. पंचतंत्र की कहानियों पर गेम बनाओ. अभिमन्यु की कहानी पर गेम बनाओ और अपनी वेबसाइट बनाकर उसपर लॉन्च करो. धीरे-धीरे देखोगे कि कितने लोग तुम्हारे गेम्स खेल रहे हैं.
- पता नहीं ये मार्क्स- मार्क्स की बीमारी कैसे फैल गई है. आप लोगों को पिछले साल के टॉप 1 से 10 तक के नाम याद हैं क्या? ये उपलब्धि तो कुछ देर के लिए होती है. हमें ये देखना चाहिए कि पढ़ाई से हमारे जीवन पर क्या असर हुआ है. न कि ये कि हमारे मार्क्स कितने आए हैं.
- स्किल जरूरी है या मार्क्स? के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इस सवाल का कोई सही जवाब नहीं है. अगर एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही. सही जवाब है कि दोनों के बीच संतुलन होना जरूरी है.
- ‘अगर आपको लगता है कि टीचर की पढ़ाने की स्पीड आपके सीखने की स्पीड से तेज है तो घबराने की जरूरत नहीं है. हमें टीचर से भी एक कदम आगे रहने की जरूरत है.’
- बच्चे लिखने की आदत डालें. हर एक को हर चीज नहीं आती, लेकिन हर एक को कुछ न कुछ जरूर आता है.
क्या है परीक्षा पे चर्चा?
परीक्षा पे चर्चा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर चर्चा करने वाला मंच है. शिक्षा मंत्रालय ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था कि पिछले कुछ सालों में यह पहल एक जन आंदोलन बन गई है, जो स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास, पॉजिटिविटी और एक कंस्ट्रक्टिव सोच के साथ एग्जाम देने के लिए प्रोत्साहित करती है.
कब शुरू हुआ प्रोग्राम?
‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी. इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के तनाव को कम करना, उन्हें मोटिवेशन देना और परीक्षा को फेस्टिवल की तरह लेने का संदेश देना था. पहला एडिशन 16 फरवरी 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. यह प्रोग्राम 8वें एडिशन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.

