निर्धारित दर से अधिक कीमत पर गैस सिलेंडर बेचने के दोषी 12 रसोई गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी, घरेलू रसोई गैस का दुरुपयोग रोकने जिला प्रशासन ने कराई थी जांच.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
LPG Cylinders Jabalpur News: एमपी जबलपुर में घरेलू रसोई गैस वितरण केन्द्रों के काले कारनामें का प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद एलपीजी गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी को पकड़ा है और उसका बकायदा वीडिया बनाकर सार्वजनिक कर दिया है. कलेक्टर के सोशल मीडिया हैण्डल से प्रसारित किए गए वीडियों में साफ देखा जा रहा है कि रसोई गैस सिलेण्डर के वितरण में बैठे कर्मचारी धड़ल्ले से शासन द्वारा निर्धारित 860 रुपए प्रति रसोई गैस सिलेण्डर के एवज में 1100 रुपये तक की मांग कर रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारयों ने यह जांच घरेलू रसोई गैस सिलेण्डरों का व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से कराई थी. जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच और कार्रवाई में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर रिफिल का विक्रय करने का दोषी पाया गया है, जिन 12 एलपीजी गैस वितरक एजेंसियों के मालिकों को दोषी पाया गया है, उन्हें कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
ग्राहक बनकर पहुंचे थे जांच अधिकारी
जांच दल के अधिकारी रसोई गैस वितरण स्थलों पर खाली सिलेंडर के साथ ग्राहक बनकर पहुँचे थे. उन सभी जांच अधिकारियों द्वारा वितरण कर रहे कर्मचारियों से गैस सिलेण्डर का रेट पूछा, उसके बाद दूसरी कंपनी का सिलेण्डर होने का हवाला दिया, जिसके एवज में 100 रुपये अतिरिक्त राशि की मांग की गई. अधिकांश वितरण केन्द्रों में 1050 रुपये से लेकर 1150 रुपये तक एक रसोई गैस सिलेण्डर के मांगे जा रहे थे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उपभोक्ताओं से कितस प्रकार से धड़ल्ले से वसूली हो रही होगी.
ये रसोई गैस के वितरक शामिल
- बलदेवबाग स्थित अथर्व गैस एजेंसी के संचालक अमित अग्रवाल,
- गौतम जी की मढिया के पास संजीवनी नगर स्थित दीप गैस एजेंसी के संचालक आकाश नेचलानी,
- रौनक कॉम्लेक्स मदन महल स्थित मदनमहल गैस कंपनी के संचालक सुलभ नाईक,
- गोहलपुर स्थित विश्वनाथ गैस एजेंसी के संचालक सौरभ अग्रवाल,
- आनंद नगर आधारताल स्थित आकांक्षा गैस एजेंसी के संचालक सौरभ सिंह जाट,
- सदर स्थित गुजराल गैस एजेंसी की संचालक श्रीमती तविन्दर कौर गुजराल,
- राँझी स्थित उदयन गैस एजेंसी की संचालक श्रीमती नुपुर ठाकुर,
- एकता चौक विजय नगर स्थित दुबे गैस एजेंसी के संचालक गुलाब दुबे,
- मेन रोड चुंगी नाका राँझी स्थित ओम इंडेन गैस एजेंसी के संचालक अनिल रावतेल,
- स्टेशन रोड कांचघर स्थित साईं विश्वा गैस एजेंसी के संचालक विनीत कुमार वाजपेयी,
- कटंगा स्थित मित्तल गैस एजेंसी के पार्टनर शरद मित्तल
- धुआंधार रोड भेडाघाट स्थित शंकर गैस एजेंसी के संचालक विनय शंकर श्रीवास्तव
तीन दिन के भीतर जबाब देने के निर्देश
कारण बताओ नोटिस में इन गैस वितरकों को तीन दिन के भीतर जबाब देने के निर्देश दिये गये हैं. तय समयावधि में तथा संतोषजनक जबाब प्रस्तुत नहीं किये जाने की स्थिति में एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी इन रसोई गैस वितरकों को नोटिस में दी गई है. कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि इन गैस एजेंसियों के संचालक और उनके कर्मचारियों द्वारा कालाबाजारी कर अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का विक्रय किया जाना द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश-2000 की कंडिका 3(3), 4(2), 9(घ) का उल्लंघन है तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 की सहपठित धारा 7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है.
अनुविभागवार जांच दलों का गठन किया गया था
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा के अनुसार घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग को रोकने कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह द्वारा अनुविभागवार जांच दलों का गठन किया गया था. इन जाँच दलों में शामिल अधिकारियों द्वारा ग्राहक बनकर रसोई गैस वितरक एजेंसियों की जांच की गई थी. जाँच दल में शामिल अधिकारी खाली सिलेंडर लेकर रसोई गैस एजेंसी पहुँचे थे और भरे हुये सिलेंडर क्रय करने की मांग गैस एजेंसी के कर्मचारियों से की गई थी.
निर्धारित दर 860 रुपये के स्थान पर एक हजार रुपए की वसूली
जांच दल द्वारा कई रसोई गैस वितरकों का स्थल निरीक्षण किया और जांच में दोषी पाए गई गैस वितरक एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा गैर पंजीकृत उपभोक्ता होने के बावजूद जांच अधिकारियों को निर्धारित दर 860 रुपये के स्थान पर एक हजार रुपये से 1 हजार 400 रुपये लेकर प्रदान कर दिये गये. जांच दल के अधिकारियों द्वारा बकायदा इसके वीडियो बनाये गये और भुगतान भी यूपीआई के माध्यम से किया गया.

