नासिक महाराष्ट्र में आयोजित अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में हुई घोषणा, देश भर से पधारे सभी संप्रदायों के जगद्गुरु, शंकराचार्य, महामण्डलेश्वर, श्रीमहंत, 6 अप्रैल को रेलवे स्टेशन जबलपुर से नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज तक स्वागत रैली
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Rashtriya San Samiti Maharashtra: अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने श्रीरामरंगी द्वाराचार्य जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज को प्रदेशाध्यक्ष बनाया है. इससे पहले जगद्गुरु श्रीनृसिंहदेवाचार्य महाराज विश्वहिंदू परिषद, संत समिति और प्रदेश कार्य समिति के विभिन्न पदों में रहते हुए समाज और देश को धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में कार्य कर चुके हैं. यहां बतादें कि अखिल भारतीय संत समिति की केंद्रीय बैठक नासिक में संपन्न हुई, जिसमें देशभर पधारे जगतगुरु, शंकराचार्य, महंत- श्रीमहंत, महामंडलेश्वर और सभी संप्रदायो के साधु-संत सम्मिलित हुए और मध्य जबलपुर के जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज को आखिल भारतीय संत समिति मध्यप्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया. इस अवसर पर बैठक में आए देशभर के सभी संतो ने करतल ध्वनि से सहमति देते हुए उन्हें बधाई दी.
माल्यार्पण कर सम्मानित किया
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सप्तम कुबेराचार्य अविचल देवाचार्य जी महराज, अ. भा. स. समिति के (राष्ट्रीय महामंत्री) दण्डीस्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती जी महराज, प्रदेश करकरी अध्यक्ष महंत अनिलानंद जी महाराज, प्रदेश महामंत्री महंत हनुमान दास जी महाराज, प्रदेश संयोजक महामंडलेश्वर स्वामी पुरुषोत्तम दास जी महाराज, प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी नरसिंह दास जी महाराज, महंत स्वामी बालक दास जी महाराज सहित इस अवसर पर पधारे देश के पूज्य संतो माल्यार्पण कर सम्मानित किया और जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज को मध्य प्रदेश के अध्यक्ष के पद सौंपते हुए राष्ट्र रक्षा, गौ रक्षा और संत रक्षा के लिए कार्य करने का दायित्व सौंपा.
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी किया सम्मानित
अखिल भारतीय संत समिति राष्ट्रीय बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए. उनके साथ नासिक कुंभ मेला प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन भी रहे, इन्होंने पूज्य जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज और बैठक में उपस्थित संतों का आशिर्वाद प्राप्त किया. इस अवसर पर सिंहस्थ कुंभ मेला को लेकर चल रहीं चर्चाओं को गौर से सुना और उनका क्रियान्वन करने का आश्वासन संतों को दिया.
नासिक बैठक में सिंहस्थ कुंभ मेला और गौमाता पर हुई चर्चा
अखिल भारतीय संत समिति का 2 दिवसीय राष्ट्रीय बैठक स्वामीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित हुई, जिसमें आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला, गौमाता, सनातन धर्म की रक्षा पर चर्चा हुई. बैठक में देश भर से आए संतों ने अपने विचार व्यक्त किए और देश में सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया. देश भर में गौमाता की रक्षा का संकल्प भी संतों ने दोहराया और महाराष्ट्र सरकार सिंहस्थ कुंभ मेला के दौरान संतों से समन्वय बनाकर कार्य करने पर सहमति बनी.
प्रदेश अध्यक्ष बनने पर सोशल मीडिया में बधाई का दौर जारी
नरसिंह मंदिर शास्त्रीब्रिज गोरखपुर, गीताधाम गौरीघाट के श्रीमहंत श्रीमद् जगद्गुरू नृसिंहपीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज को अखिल भारतीय संत समिति के द्वारा मध्य प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने पर संतों, श्रद्धालु भक्तों और सनातन धर्म महासभा के पदाधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया में बधाई देने का सिलसिला लगातार जारी है. सोशल मीडिया यूजर महाराज जी को नई जिम्मेदारी मिलने पर श्रद्धापूर्वक बधाई दे रहे हैं.
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर होगा भव्य स्वागत
नासिक महाराष्ट्र से अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सम्हालने के बाद 6 अप्रैल 2026 को प्रात:काल 7 बजकर 25 मिनट पर राजगीर जनता एक्सप्रेस से ट्रेन नंबर 13202 से आगमन होगा. रेलवे स्टेशन पर महाराज जी का भव्य स्वागत किया जाएगा. तत्पश्चात मुख्य रेलवे स्टेशन से नरसिंह मंदिर तक स्वागत यात्रा निकाली जाएगी. नरसिंह मंदिर पहुंचने पर भक्तों और सनातन धर्म महासभा, गीताधाम-नरसिंह मंदिर परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा.
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं श्रीनृसिंहदेवाचार्य जी के गुरु
यहां बतादें कि नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज गोरखपुर के श्रीमहंत वर्षों से संत समिति के पदाधिकारी का पद सुशोभित करते आए हैं. श्रीनृसिंहपीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज के गुरु जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य जी महाराज अखिल भारतीय संत समिति के उपाध्यक्ष का पद सम्हाल चुके हैं. मध्य प्रदेश जबलपुर के एक मात्र ऐसे संत रहे हैं, जिन्हे राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी गई और उनके द्वारा बखूबी निभाया गया. अब एक बार फिर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिसका दायित्व अपने गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य जी महाराज के पदचिन्हों पर चलते हुए निर्वहन करेंगे.

