अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान का साथ देने वाले देशों को धमकाया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई ईरान को हथियार देगा तो उस पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
US-Iran War News: अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिन बाद 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी ही थी कि अचानक खबर आ रही है कि डील टूट गई है. जबकि इससे पहले ट्रम्प ने बताया था कि यह फैसला पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद सीजफायर पर सहमति बन गई है. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप सीजफायर के लिए भीख मांग रही थी, क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा था. उन्होंने कहा कि अब किसी भी हालत में ईरान को परमाणु बम बनाने नहीं दिया जाएगा.
ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है. यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है.
हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और जहाज वहां से गुजरते रहेंगे. अमेरिका और ईरान की सेनाएं इस इलाके पर नजर रखे हुए हैं. ट्रम्प के पास इतनी ताकत थी कि वो चाहें तो कुछ ही मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था ठप कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
इससे पहले ईरान को दिए गए डेडलाइन से पहले ही अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर एयरस्ट्राइक की. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था, ‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा.’
दोनों ओर से एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग को 5 सप्ताह पूरे हो चुके है. आज (7 अप्रैल) को युद्ध के 40वें दिन भी दोनों ओर से एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. लेबनान में एक दिन में इजरायल की ओर से अलग-अलग जगहों पर किए गए अटैक में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं. वहीं, इजरायल ने ईरान के कोम शहर की एक रिहायशी बिल्डिंग को भी निशाना बनाया. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक लोकल अधिकारी ने बताया ईरानी शहर कोम में एक रिहायशी बिल्डिंग पर US-इजरायली हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.
अमेरिका में ही आलोचनाओं का सामना कर रहे ट्रंप
ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को अमेरिका में ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. US कांग्रेसी जेक ऑचिनक्लॉस ने बताया कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर स्ट्राइक का ऑर्डर देकर पूरी तरह फेल हो गए और उन्हें अमेरिकन हिस्ट्री का अकेला ऐसा प्रेसिडेंट बताया, जिसने अकेले जंग शुरू की और हार गया. युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर बातचीत की है. उन्होंने पिछले 37 दिनों में ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका और इजरायली सरकार द्वारा किए गए हमलों के बारे में बताया.
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर क्या हुई बात
इजरायल के चैनल 12 ने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया, कल रात राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच हुई फोन बातचीत के दौरान लेबनान में लड़ाई जारी रखने का मुद्दा उठा, जिसमें ट्रंप ने ईरान के साथ हुए सीजफायर के बारे में जानकारी दी. नेतन्याहू ने लेबनान का मुद्दा उठाया और ट्रंप ने हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई जारी रखने पर कोई विरोध व्यक्त नहीं किया.
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा- ‘सभी को माननी होगी शर्त…’
पाकिस्तानी मंत्री एहसान इकबाल चौधरी ने अलजजीरा से बात करते हुए कहा, ‘सभी पक्षों को सीजफायर की शर्तों को मानना होगा. लेबनान पर हमले से नाकारात्मक माहौल बन रहा है. ऐसा नहीं होना चाहिए. यह बात सभी को समझनी होगी कि युद्ध किसी भी मसले का हल नहीं हो सकता.’
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान का डेलिगेशन शुक्रवार को पाकिस्तान जाएगा.
सीजफायर टूटने की खबरों पर क्या बोले पाकिस्तानी पीएम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है. ‘संघर्ष वाले क्षेत्र में कुछ जगहों पर सीजफायर के उल्लंघन की खबरें मिली हैं, जिससे शांति प्रक्रिया की भावना को ठेस पहुंचती है. मैं सभी पक्षों से पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ आग्रह करता हूं कि वे संयम बरतें और आपसी सहमति के अनुसार, दो सप्ताह तक सीजफायर का सम्मान करें, ताकि इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कूटनीति एक अग्रणी भूमिका निभा सके.’
हिजबुल्लाह ने लेबनान को लेकर दी चेतावनी
हिजबुल्लाह ने बड़ी चेतावनी दी है. लेबनान को लेकर अमेरिका-ईरान युद्धविराम टूट सकता है. हिजबुल्लाह के प्रवक्ता इब्राहिम मूसावी ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान मोर्चे को अलग रखा जाता है तो अमेरिका-ईरान युद्धविराम टूट सकता है, क्योंकि इजरायल लगातार हमले कर रहा है और खाड़ी देशों में नए हमलों के साथ क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है.

