मध्य प्रदेश जबलपुर की रिंग रोड तक बढ़ जाएगा शहरी विकास का दायरा, आवासीय, कमर्शियल, उद्योग सहित कई फेरबदल देखने को मिलेंगे
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Under Proposed Master Plan-2047 In Jabalpur: मध्य प्रदेश जबलपुर शहर का मास्टर प्लान-2047 की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. केवल मास्टर प्लॉन 2047 में कैबिनेट मंत्री की मोहर लगना बाकी है. नए मास्टर प्लॉन का मसौदा भोपाल भेजा जा चुका है पर वहां बैठे जिम्मेदारों ने जबलपुर मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी अभी तक नहीं दी है. हलांकि जल्द ही नए मास्टर प्लॉन को मंजूरी मिलने का दावा किया जा रहा है, इससे साफ जाहिर हो रहा है कि जल्द ही नया मास्टर प्लान-2047 लागू हो जाएगा. उधर मास्टर प्लान लागू होने से पहले ही शहर में समाहित होने वाले गावों का खुलासा हो गया है, जहां बुनियादी फेरबदल होंगे. मास्टर प्लान 2021 में जिनका चिन्हांकन किया गया था, उनमें से कई विकास कार्यों को मास्टर प्लान-2047 में भी समाहित किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि नए मास्टर प्लान में पनागर तहसील को तवज्जो दी गई है. यहां के 38 गांवों को समाहित किया गया है. हालांकि 2047 के नए मास्टर प्लान में 62 गांव शामिल किए गए हैं. जबलपुर, पाटन, शहपुरा से भी कई गावों को सम्मिलित किया गया है. यहां की भूमि रिहायशी, वाणिज्यिक, औद्योगिक अलग-अलग मद में चिन्हित की जाएगी. इतना ही नहीं परिवहन प्रणाली, सार्वजनिक सुविधाएं जैसे पार्क, अस्पताल और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य निर्धारित कर दिए गए हैं. अब केवल नए मास्टर प्लान-2047 के लिए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई होगी और उसके बाद मास्टर प्लॉन लागू हो जाएगा.
30 मीटर हो गई नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर की चौड़ाई
नर्मदा के उत्तरी तट पर 2021 के मास्टर प्लान में चिन्हित नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर पुन: शामिल किया गया है. इस कॉरिडोर की चौड़ाई में 2021 में जिस प्रकार का फेरबदल किया गया था, ठीक उसी प्रकार से लागू कर दिया गया है. क्योंकि 2021 के मास्टर प्लान में नर्मदा कॉरिडोर की चौड़ाई 60 मीटर रखी गई थी, लेकिन 2020 में एक अधिसूचना के माध्यम से इसकी चौड़ाई 30 मीटर कर दी गई थी. इस कॉरिडोर के नाम में भी परिवर्तन किया गया था. शुरुआत में नाम नर्मदा कॉरिडोर रखा गया था, उसके बाद नर्मदा पाथ-वे कर दिया गया. उसके बाद अब नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर कर दिया गया है. यह कॉरिडोर भटौली रिंग रोड से तिलवारा तक बनाया जाएगा.
गांवों को मास्टर प्लॉन में शामिल करने का उद्देश्य
मास्टर प्लान में शामिल क्षेत्र और गांव का भविष्य छिपा रहता है. जहां शहर के एक हिस्से को विकसित करने की कानूनी इबारत लिखी जाती है. मास्टर प्लान-2047 में आने वाले 20 सालों की एक नई तस्वीर देखने को मिलेगी, जिसमें विकास का कानूनी ब्लूप्रिंट है. रिहायशी इलाका, औद्योगिक हब, सड़कें, पार्क और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बैठाने का काम किया गया है. जिससे शहर विकास के साथ यहां के रहवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा.
बेढंगे तरीके से हो रहे विकास पर लगेगी लगाम
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती आबादी और जरूरतों के अनुसार सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना जरूरी होता है, क्योंकि अभी कहीं भी कृषि भूमि, वन भूमि पर अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं. जहां न तो सामुदायिक सुविधाएं हैं और न ही परिवहन की. इतना ही नहीं जनसंख्या के हिसाब से भूमि का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है. जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है.
2021 में खत्म हो चुका है जबलपुर का मॉस्टर प्लान
जबलपुर की शहरी आबादी लगातार बढ़ती जा रही है. ग्रीन लैण्ड, औद्योगिक क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र का निर्धारण किए बगैर पिछले 5 साल से यानी 2021 से अनैतिक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं. अवैध कॉलोनाइजर्स की बाढ़ आई हुई है. चाहे जहां कृषि भूमि का डायवर्जन कराने के बाद कॉलोनी डेवलप हो रही हैं. ऐसे कॉलोनाइजरों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी कुछ दिनों पूर्व एफआईआर दर्ज कराई थी. नया मास्टर प्लान 2047 लागू होने के बाद ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगने की संभावना है.
2047 के मास्टर प्लान में शामिल हुए 62 गांव
पनागर तहसील
उमरिया चौबे, ब्याधखेड़ा, बिहर, विजौरी, बिजौरा, बम्हनौदा, ककरतला, गधेरी, घुघ्घूटोला, जैतपुरी, घाना, फूटाताल, बघेली, उरदुवाखुर्द, मनिकयारीकला, धुवहा, सरसंवा, जटवा, गुडगवां, मनियारीखुर्द, बरोदा, जुनवानी, पौंडी, खम्हरिया, मंगेला, पिपरिया, पटना, पडवारकला, सूरतलाई, बिहरिया, बिखरवा, पडवारखुर्द, सरखेड़ी, रैयाखेड़ा, सूखा, डीहा, पिपरिया बनियाखेड़ा, सरूपा.
जबलपुर तहसील
जमुनिया, सिलुवा, आमाहिनौता, छतरपुर, बारहा, चौखड़ा, पडरिया, सिलुवा, पिंडरई, हिनौतिया, खम्हरिया, सालीवाड़ा, नीमखेड़ा, कोसमघाट, पिपरयाकलां, नीमखेड़ा.
पाटन तहसील
अरछा, बनैकी, लुहारी, बेनीखेड़ा, चौपरा, टिमरी.
शहपुरा तहसील
खम्हरिया, मनगुवा.

