जबलपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए स्मार्ट सिटी ने बाहरी कंपनी को दिया है ठेका, सड़क पर खड़े हो रहे वाहन
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Multi Level Car Parking In Jabalpur News: मध्य प्रदेश जबलपुर में मानस भवन, सिविक सेंटर, भंवरताल और राइट टाउन स्टेडियम में 66 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कराई गई है. स्मार्ट सिटी जबलपुर के द्वारा तैयार कराई गईं इन चारों मल्टीलेवल पार्किंग में 60 कारें भी पार्क नहीं हो पा रही हैं, जबकि सड़क पर खड़ी हो रही कारों को मल्टीलेवल पार्किंग में व्यवस्थित तरीके से खड़ी करवाने का ठेका दिया गया है. स्मार्ट सिटी के अिधकारियों ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए जिस ठेका कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है, उसका काम शहर की किसी भी सड़क पर देखने को नहीं मिल रहा है. शहर की हर सड़क के किनारे चार पहिया, दो पहिया वाहनों की कतारें लगी रहती हैं. उन्हें मल्टीलेवल पार्किंग पर खड़ा कराने का प्रयास ही नहीं किया जा रहा है. इससे साफ है कि मल्टीलेवल पार्किंग बनाने से लेकर वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग तक पहुंचाने में घालमेल है. शहर की सड़कों को व्यवस्थित करने पर किसी का ध्यान नहीं है.
राइट टाउन स्टेडियम की बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग
राइट टाउन स्टेडियम की ऊपरी मंजिल पर 310 चार पहिया और सैकड़ों दो पहिया वाहनों को पार्क करने की व्यवस्था की गई है. स्मार्ट सिटी के द्वारा इस पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन यह मल्टीलेवल पार्किंग आज तक प्रारंभ नहीं हो सकी. राइट टाउन स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों के वाहन सड़क पर ही खड़े हो रहे हैं. वहीं मानस भवन से एमएलबी स्कूल की तरफ बनाई गई स्मार्ट रोड पर चार पहिया वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है. इन्हें आज तक उठाकर मल्टीलेवल पार्किंग तक नहीं पहुंचाया गया.
मेंटेनेंस के चक्कर में भाग खड़ी हुई कंपनी
स्मार्ट सिटी, सिविक सेंटर और भंवरताल के पास बनी मल्टीलेवल पार्किंग में आए दिन मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है. इनका मेंटेनेंस ठेका कंपनी द्वारा आज तक नहीं कराया गया. जिसके कारण यह तीनों मल्टीलेवल पार्किंग खाली पड़ी रहती हैं. सिविक सेंटर चौपाटी के पास बनी मल्टीलेवल पार्किंग पर केवल वही गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, जिन्हें लंबे समय तक कार पार्क करके रखना है. प्रतिदिन सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियों को मल्टीलेवल पार्किंग तक पहुंचाया ही नहीं जा रहा है. माहवार कमाई के चक्कर में ठेका कंपनी सड़क पर खड़े हो रहे वाहनों पर ध्यान ही नहीं दे रही है.
हवा-हवाई साबित हुई पार्किंग
नौदराब्रिज, श्याम टॉकीज, श्रीनाथ की तलैया, मॉडल रोड और गौरीघाट क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाना था. जिससे सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों से मुक्ति मिल सके और सड़कों पर जाम की स्थिति निर्मित न हो, लेकिन स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इन स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई और उनका प्रोजेक्ट हवा-हवाई साबित हो गया.
सड़क पर खड़ी रहती हैं कारें
विडंबना यह है कि जहां स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने मल्टीलेवल पार्किंग बनाई है. वहीं आसपास सड़क पर कारें खड़ी रहती हैं. उन्हें उठाकर पार्किंग में रखने की कोई व्यवस्था नहीं है. ठेका कंपनी न तो मल्टीलेवल पार्किंग का मेंटेनेंस करा रही है और न ही मल्टीलेवल पार्किंग तक वाहन ले जाने की कोई व्यवस्था है. जिसके कारण शहर की हर सड़क जाम से करार रही हैं. इतना ही नहीं स्मार्ट सिटी के अंदर बनी मल्टीलेवल पार्किंग तक में वाहन खड़े नहीं किए जा रहे हैं, इससे ज्यादा दुर्गति और क्या हो सकती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिरकार ठेका कंपनी और स्मार्ट सिटी अधिकारियों के बीच किस बात की यारी है?
जेसीटीएसएल से स्मार्ट सिटी के जिम्मे हो गया है प्रोजेक्ट
मल्टीलेवल पार्किंग का प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी द्वारा लांच किया गया था. लेकिन इसके संचालन की जिम्मेदारी जेसीटीएससएल (जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड) के जिम्मे था. अभी कुछ दिनों से स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को अपने जिम्मे ले लिया है, जिससे मल्टीलेवल पार्किंग से स्मार्ट सिटी को कमाई हो सके. स्मार्ट सिटी के द्वारा टेंडर प्रक्रिया के तहत इस प्रोजेक्ट को नई ठेका कंपनी को मल्टीलेवल पार्किंग के रख-रखाव और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, जिसका निर्वहन ठेका कंपनी के द्वारा नहीं किया जा रहा है.
मल्टीलेवल पार्किंग और वाहन पार्क करने की क्षमता
> स्थान लागत पार्किंग क्षमता
> मानस भवन 3 करोड़ 34 कार
> सिविक सेंटर 6.67 करोड़ 93 कार
> भंवरताल पार्क 7 करोड़ 100 कार
> राइट टाउन स्टेडियम 50 करोड़ 310 कार

