मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर के शहपुरा में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह समारोह में वर्चुअली जुड़े, वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Collective Wedding: मध्य प्रदेश जबलपुर जिले के अंतर्गत शहपुरा तहसील में सामूहिक कन्या विवाह समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें इंदौर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 19 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर वर्चुअली जुड़े. उन्होंने 200 नवविवाहित जोड़ो को वर्चुअली बधाई और आशीर्वाद दिया. इस अववसर पर उन्होंने कहा कि- मैं भले ही वीसी के माध्यम से आपसे जुड़ा हूं, लेकिन जबलपुर की रौनक को यहां तक अनूभव कर रहा हूं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन परम्परा में गृहस्थ जीवन को सभी आश्रम में से सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. कहा भी गया है धन्यो गृहस्थाश्रम:.
अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान-पुण्य कभी क्षय नहीं होता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान और पुण्य कभी क्षय नहीं होता, वह अक्षय हो जाता है, अनंत हो जाता है. उन्होंने सोलह संस्कारों में विवाह संस्कार को एक श्रेष्ठ संस्कार मानते हुये कहा कि अक्षय तृतीया पर हुए वैवाहित बंधन का यह रिश्ता सदैव अक्षय रहे और अटूट रहे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी 200 वैवाहिक जोड़ो की सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि सुख और दुख में आप एक दूसरे का हाथ थामे रखें.
अन्नदान, विद्यादान और कन्या दान से बड़ा कोई दान नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदान, विद्यादान और कन्या दान से बड़ा ना कोई दान है और ना कोई पुण्य है. उन्होंने कहा ईश्वर की कृपा से राज्य सरकार इस पुण्य कार्य को संपूर्णता प्रदान कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि सामूहिक विवाह समाज में परिर्वतन का माध्यम बन रहे है. उन्होंने भी अपने बेटे का विवाह सामूहिक विवाह में करने की बात कही. ऐसे आयोजन से समाज में समरसता और अपनत्व की भावना भी बढ़ रही है. उन्होंने ससुराल पक्ष वालों से कहा बेटियां आपके घर आ रही है अत: बेटियों का ध्यान रखें. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नव विवाहित जोड़ों को उनके सुखद भविष्य की शुभकामनाएं भी दी.
सामूहिक कन्या विवाह में 200 जोड़ो ने दांपत्य सूत्र में बंधे
बरगी विधानसभा के शहपुरा में आज विधायक नीरज सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 200 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जिनमें 198 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से तथा 2 कन्याओं का निकाह संपन्न कराया गया. इस भव्य सामूहिक विवाह महोत्सव का दृश्य न केवल हर्ष का विषय बना बल्कि समाज में सामानता और एकता का संदेश भी दिया. साथ ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम भी है.
सरकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का विधायक ने बताया उद्देश्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विधायक श्री सिंह ने सभी नव दांपत्य को शुभकामनाऐं देते हुये सरकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के उद्देश्य भी बताया. साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये जा रहे सरकार के प्रयासों का उल्लेख भी किया. विवाह कार्यक्रम के दौरान नव विवाहितों को 49 हजार रूपये का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया गया.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ललिता डेहरिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शिवांगी विक्रांत सिह, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, एसडीएम, सीईओ जनपद सहित सभी संबंधित अधिकारी और बड़ी तादाद में जन सामान्य मौजूद थे.
जब बाल विवाह रोकने पहुंच गई जांच टीम
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर जिले के बरेला थाना अंतर्गत ग्राम जुनवानी कंचनपुर टोला में होने वाला बाल विवाह रुकवा दिया. 20 अप्रैल 2026 को 15 वर्षीय बालिका का विवाह कराया जाना है. बताया जा रहा है कि सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को सूचना मिली थी कि ग्राम जुनवानी की बालिका का बाल विवाह कराया जा रहा है. शनिवार 18 अप्रैल को जांच दल गांव पहुंचा. जांच में पाया गया कि बालिका के आधार कार्ड में जन्म तिथि 01 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज है. इस हिसाब से बालिका की उम्र लगभग 15 वर्ष है.
जाँच दल द्वारा बालिका की मां, बड़ी माँ एवं दादी को समझाइश गई. परिवार को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने पर 2 वर्ष तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई होगी. विवाह में शामिल होने वाले पंडित, नाई और बैंड वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद करेंगे शादी
समझाइश के बाद बालिका की माता, बड़ी मां एवं दादी ने आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही करेंगे. लड़के के पिता का देहांत हो चुका है, इसलिये उसके मामा से बात की गई. लड़के के मामा ने भी बालिका की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही विवाह करने की बात कही. बालिका वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है. अधिकारियों ने उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया. बालिका लाडली लक्ष्मी योजना की हितग्राही भी है.

