कतर में हुए ब्लास्ट में 13 लोगों मौत तो 66 घायल और 18 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. इस प्लांट की उत्पादन क्षमता लगभग 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट प्रतिदिन है.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Qatar Gas Terminal Blast: कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम विस्फोट हुआ. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, 66 लोग घायल हुए हैं, जबकि 18 लोग अभी भी लापता हैं. यह हादसा तब हुआ जब कर्मचारी ईरान के हमले के बाद बंद पड़े इस प्लांट को दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहे थे. मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक भी हैं. कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. अल-काबी ने बताया कि विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ है. हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं.
मरने वालों में भारत-पाकिस्तान के लोग शामिल
इस हादसे में पता चला है कि भारत और पाकिस्तान के लोग बड़े पैमाने पर कतर में काम करते हैं. अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि किस देश के कितने लोगों की जान इस हादसे में गई है. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये धमाका ‘रास लाफान’ इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ. कतर दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस उत्पादकों में से एक है. इस हादसे से दुनियाभर से गैस बाजार में फिर से संकट गहरा सकता है.
1.4 अरब मानक घन फीट गैस तैयार करता है प्लांट
कतर का यह प्लांट रोजना करीब 1.4 अरब मानक घन फीट गैस तैयार करता है. कतर इस गैस का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने देश में बिजली बनाने और पीने के पानी के प्लांट चलाने के लिए करता है. इस प्लांट का मालिकाना हक कतर की सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के पास है, जबकि एक छोटा हिस्सा अमेरिकी कंपनी ‘एक्सॉनमोबिल’ के पास भी है.
हादसे में 13 लोगों की मौत, 66 घायल
यूएस-ईरान जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होन से कतर अपने जहाजों को बाहर नहीं भेज पा रहा था इसलिए उसने उत्पादन रोक दिया था. अब युद्ध खत्म होने के लेकर हो रही बातचीत के बीच कतर ने इस टर्मिनल को फिर से चालू करने का काम शुरू कर दिया था और इसी दौरान ये हादसा हो गया. कतर के एनर्जी मिनिस्टर शेरिदा अल काबी ने सोमवार (22 जून 2026) को बताया कि हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है और 66 घायल हैं.
गैस प्लांट में हुए धमाके पर भारत का रिएक्शन
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दूतावास ने कहा कि इस कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में भारत का दूतावास और कतर में रह रहा पूरा भारतीय समुदाय कतर सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है. दूतावास ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना व्यक्त की. दूतावास ने सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है.
LPG की किल्लत होने की आशंका!
अभी जिस प्रकार के हालात देखने को मिल रहे हैं. उसके मुताबिक इस विस्फोट के कारण दुनिया में एक बार फिर गैस संकट गहराने का असर देखने को मिल सकता है. दुनिया के बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातकों में से कतर यूरोप और एशिया के कई बड़े देश (जैसे जापान, साउथ कोरिया) अपनी ऊर्जी और बिजली की जरूरतों के लिए पूरी तरह कतर की गैस पर निर्भर हैं. जंग के कारण कतर से गैस की सप्लाई पहले से ही रुकी हुई थी. धीरे-धीरे अब ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि कतर का निर्यात दोबारा शुरू किया जाएगा. लेकिन अब ये हादसा हो गया, ऐसे में गैस सप्लाई शुरू करने में और समय लग सकता है.
राजधानी दोहा तक धमाके की आवाज सुनाई दी
ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी. आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है. रॉयटर्स के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी. 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए. हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी.

