BY- पंडित प्रदीप मिश्रा
Edited By- सुप्रिया
जबलपुर.
Nag Panchami : सावन में आने वाली शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन विधि विधान से पूजा भी की जाती है. क्योंकि हिन्दू धर्म में नाग देवता को जल और अन्न का देवता माना जाता है. इस दिन को नाग पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन विशेष रूप से नाग देवता की पूजा की जाती है.
नाग पंचमी की पूजा से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से नाग देवता की आकृति बनाई जाती है. क्या है इसका महत्व है और क्यों बनाई यह आकृति बनाई जाती है आइए जानते हैं.
किस दिन मनाई जा रही नाग पंचमी?
इस वर्ष नाग पंचमी 09 अगस्त को मनाई जा रही है. पूजा के लिए शुभ समय शाम 05 बजकर 47 मिनट से लेकर 08 बजकर 27 मिनट तक है.
सांप की आकृति बनाने का महत्व
हिन्दू धर्म में प्राचीन काल से ही यह परंपरा चली आ रही है, जिसके अनुसार नाग पंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर नाग देवता की आकृति बनाई जाती है. इसके लिए गाय के गोबर का उपयोग किया जाता है.ऐसा करने से घर में शुभता आती है और घर में कभी नाग भय नहीं रहता.
महादेव के गले का श्रृंगार
नाग देवता महादेव के गले का श्रृंगार हैं और इसलिए इस दिन नाग देवता के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा भी की जाती है. माना जाता है कि नागपंचमी के दिन नाग देवता के साथ शिवशक्ति की पूजा करने से घर में समृद्धि आती है और नाग देवता के साथ भगवान शिव की कृपा भी बनी रहती है.

