ट्रेड में BSE Sensex 2100 अंकों से ज्यादा टूट गया और 74,510 के इंट्राडे लो पर आ गया. Nifty 50 23,150 के नीचे फिसल गया. निफ्टी ने 23,087 का इंट्राडे लो छुआ था.
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By : डीबी न्यूज अपडेट| Edited By : प्रिंस अवस्थी
Share Market: शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला. इससे पहले गुरुवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और लगातार गिरावट देखने को मिली. गुरुवार को ट्रेड में BSE Sensex 2100 अंकों से ज्यादा टूट गया और 74,510 के इंट्राडे लो पर आ गया. वहीं Nifty 50 23,150 के नीचे फिसल गया. निफ्टी ने 23,087 का इंट्राडे लो छुआ था. बेंचमार्क इंडेक्स में बाजार में यह गिरावट केवल कुछ सेक्टर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे.
ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स में सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जो साफ तौर पर ‘रिस्क ऑफ’ सेंटिमेंट की ओर इशारा करता है. मेटल और IT सेक्टर भी दबाव में रहे, जबकि FMCG और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में भी गिरावट से बचाव नहीं हो सका. इस बीच India VIX में 19% तक की तेज उछाल ने बाजार की घबराहट को और बढ़ा दिया.
Stock Market Crash होने की प्रमुख वजह
- HDFC Bank का Accident
- कच्चे तेल $116 के करीब
- अमेरिकी बाजार और डाओ फ्यूचर्स में कमजोरी का माहौल
- आज भी दिख रही है FIIs की बिकवाली
- गैप-डाउन ओपनिंग से तेजी की पोजीशन के स्टॉपलॉस हुए ट्रिगर
- कोई भी रिकवरी टिकाऊ नहीं, ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी
तेज गिरावट के पीछे कई बड़े ट्रिगर्स
- सबसे बड़ा दबाव HDFC Bank से जुड़ी खबरों का रहा, जिसने बैंकिंग स्पेस को कमजोर किया. अतानु चक्रवर्ती के पार्ट टाइम चेयरमैन पद के इस्तीफे के बाद शेयर HDFC Bank 52-वीक लो पर पहुंच गया है. इससे बैंक निफ्टी पर प्रेशर पड़ रहा है. इंडेक्स 1700 पॉइंट नीचे है.
- इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है, जहां ब्रेंट क्रूड $115–116 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है.
- अमेरिकी बाजारों और डाओ फ्यूचर्स में कमजोरी ने भी सेंटिमेंट खराब किया. डाओ फ्यूचर्स करीब 90 अंक नीचे था. कल अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली आई थी, यूएस फेड की ओर से ब्याज दरें तो स्थिर रखी गई हैं, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हॉकिश रुख बरकरार रखा है, इससे ग्लोबल लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है.
- FIIs की लगातार बिकवाली जारी है, जिससे बाजार को सपोर्ट नहीं मिल पा रहा.
- गैप-डाउन ओपनिंग के चलते तेजी की पोजीशन में बने स्टॉपलॉस ट्रिगर हो गए, जिससे गिरावट और तेज हो गई. सबसे अहम बात यह है कि किसी भी रिकवरी में टिकाऊपन नहीं दिख रहा और ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली हावी है.
2024 में रिकार्ड स्तर पर पहुंचा था बाजार
घरेलू शेयर बाजार ने आज 20 सितंबर शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन नए ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड बना दिया. कारोबार की थोड़ी सुस्त शुरुआत रही, लेकिन कुछ देर बाद ही बाजार में जबरदस्त रैली रिकॉर्ड की गई और बीएसई सेंसेक्स इतिहास में पहली बार 84 हजार अंक के पार निकल गया.
सुबह हुई थी धीमी शुरुआत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घरेलू बाजार ने आज कारोबार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ की थी और शुरुआती सेशन में बाजार पर दबाव दिख रहा था. सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 350 अंक और निफ्टी करीब 100 अंक की तेजी में खुला था. चंद मिनटों बाद सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स का फायदा सिमटकर 175 अंक पर आ चुका था और वह 83,370 अंक के पास कारोबार कर रहा था. हालांकि बाद में कारोबार के दौरान बाजार ने शानदार वापसी की.
सेंसेक्स और निफ्टी का नया रिकॉर्ड
सुबह 11 बजे सेंसेक्स 816 अंक से ज्यादा (करीब 1 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 83,985.07 अंक पर कारोबार कर रहा था. उससे पहले इंट्राडे में सेंसेक्स एक समय 84,026.85 अंक पर पहुंच गया. यह सेंसेक्स के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब वह 84 हजार अंक के स्तर के पार निकला है. इसी तरह निफ्टी 25,663.45 अंक का हाई लेवल छूने के बाद 11 बजे करीब 225 अंक (0.90 फीसदी) की बढ़त में 25,645 अंक पर कारोबार कर रहा था.
बाजार में अस्थिरता का माहौल
बाजार में लगातार अस्थिरता का माहौल बना हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार का दबाव बढ़ता जा जा रहा है. क्योंकि कई सामग्री देश में आयात होती हैं.

