पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि IED ब्लास्ट की घटना उस वक्त हुई जब सुरक्षाकर्मियों का एक दल इलाके में चिन्नेगेलुर सीआरपीएफ शिविर से विस्फोटकों को हटाने के काम पर निकला था.
BY : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Source : DB News Update
IED Blast In Bijapur: छत्तीसगढ़ में नक्सल का आतंक बड़ी तेजी के साथ बढ़ा है. इस पर लगाम लगााने की जरूरत महसूस की जा रही है. क्योंकि विगत दिनों बीजापुर जिले में आईईडी में विस्फोट से रविवार (29 सितंबर) को 5 सुरक्षाकर्मी जख्मी हो गए. जानकारी के मुताबिक IED नक्सलियों की ओर से लगाए गए थे. ये जवान बीजापुर थाना तारेम के तहत चिन्नागेलुर CRPF कैम्प से डिमाइनिंग ड्यूटी पर निकले थे. बताया जा रहा है कि डिमाइनिंग के दौरान माओवादियों की ओर से लगाये गये IED के ब्लास्ट होने से 5 जवानों को चोटें आईं हैं.
घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद उचित इलाज के लिए जिला मुख्यालय ले जाया गया है. सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई जब सुरक्षाकर्मियों का एक दल इलाके में चिन्नेगेलुर सीआरपीएफ शिविर से विस्फोटकों को हटाने के काम पर निकला था.
आईईडी नष्ट करने के दौरान हुआ हादसा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईईडी का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने विस्फोटक से जुड़ा एक तार देखा. अधिकारी ने बताया कि जब वे तार से जुड़े बम की तलाश कर रहे थे तभी उसमें विस्फोट हो गया, जिसमें 5 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज का इंतजाम किया गया. लेकिन यह घटना छत्तीसगढ़ सहित देश भर में चर्चा का विषय बन गई.
नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्चिंग अभियान
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है. सुरक्षाबल के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्चिंग अभियान चला रहा है. राज्य उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे विजय शर्मा ने अपने दो साल के कार्यकाल के बारे में जानकारी दी. इस दौरान उन्होंने नक्सली विरोधी अभियान में मारे गए, सरेंडर करने वाले माओवादियों की जानकारी दी.
नक्सलवाद का सफाया होगा
उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद के खिलाफ सरकार का संकल्प स्पष्ट है. हम पूरी ताकत से काम कर रहे हैं ताकि 31 मार्च, 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूर्ण सफाया हो जाए.’’ विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जनवरी 2024 से अब तक एके-47 राइफल, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल, लाइट मशीन गन, मोर्टार और पिस्तौल समेत लगभग 1,100 हथियार बरामद किए हैं.
कितने टॉप लीडरों का एनकाउंटर शुरू
मीडियया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के छह सदस्य मारे गए हैं, जबकि दो ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इस दौरान विशेष क्षेत्रीय समितियों के 17 सदस्य मारे गए, सात ने आत्मसमर्पण किया और एक को गिरफ्तार किया गया.’’ विजय शर्मा ने कहा कि वह लंबे समय से उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या गिरफ्तार किये जाने वाले माओवादियों से अधिक हो जाएगी. उन्होंने मौजूदा रुझान को संतोषजनक बताया.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिल रही ट्रेनिंग
गृहमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य में सात पुनर्वास केंद्र चल रहे हैं. अब तक, इन केंद्रों में 410 महिलाओं समेत लगभग 1,700 पूर्व नक्सलियों ने विभिन्न कौशल प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जबकि 232 वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को मोबाइल फोन समेत स्वागत किट प्रदान की जाती है ताकि वे समाज से दोबारा जुड़ सकें.’’
ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रहा विकास
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर के हर गांव तक विकास पहुंचाना है, जिसमें स्कूलों, बिजली, पीने के पानी, अस्पतालों और आंगनवाड़ियों की सुलभता शामिल है और यह सुनिश्चित करना है कि संविधान को क्षेत्र के हर कोने में लागू किया जाए. क्योंकि पिछड़े क्षेत्र में सबसे ज्याादा नक्सल पाए जाते हैं. गरीबी के हालत में जीवन यापन करने वाले लोग प्रलोभन में फंस जाते हैं और नक्सल गतिविधियों में संलिप्त हो जाते हैं. ऐसे लागों को रोकने के लिए बुनियादी सुविधाओं की अत्यंत आवश्यकता है. बुनियादीी सुविधाएं यदि ग्रामीण क्षेत्र में विकसित हो जाती हैं तो नक्सल जैसी गतिविधियों पर लगाम लग सकती है. सरकार को इसी दिशा में काम करने की जरूरत है.

