Ratan Tata Died: भारत के दिग्गज और मशहूर उद्योगपति रतन टाटा अब नहीं रहे. 86 साल के रतन टाटा का बुधवार देर रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. वर्ली में उनका अंतिम संस्कार होगा.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ratan Tata Death News: देश के प्रमुख व्यवसाई रतन टाटा का 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में बुधवार (9 अक्तूबर) की रात निधन हो गया. वो अपने चेकअप के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे. जानकारी मिलने पर देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और उद्योगपती मुकेश अंबानी हॉस्पिटल पहुंचे थे.
रतन टाटा का पार्थिव शरीर उनके कुलाबा स्थित घर ले जाया गया. इसके बाद सुबह 9.45 पर उनके पार्थिव शरीर को कोलाबा से नरिमन पॅाइंट के NCPA ले जाया जाएगा. यहां रतन टाटा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रखा जाएगा. इसके बाद वर्ली में उनका अंतिम संस्कार होगा. वहीं आज महाराष्ट्र के सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं.
1937 में हुआ था रतन टाटा का जन्म
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की. 1962 में टाटा समूह में शामिल होने से पहले रतन टाटा ने अमेरिका में कुछ समय तक काम किया. 1981 में उन्हें टाटा इंडस्ट्रीज का चेयरमैन बनाया गया. 1991 में जेआरडी टाटा के रिटायरमेंट के बाद रतन टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला.
रतन टाटा की उपलब्धियां
- 2001 में रतन टाटा को ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टरेट की डिग्री दी थी, जिसे मानद डॉक्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कहा जाता है.
- 2004 में एशियाई प्रौद्योगिकी संस्थान ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की उपाधि दी.
- 2005 में वारविक विश्वविद्यालय से उपाधि मिली.
- 2006 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने मानद डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि दी गई.
- 2008 में रतन टाटा को तीन तीन संस्थानों ने मानद उपाधि दी.
- कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ लॉ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT Bombay) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (IIT Khadagpur) ने मानद डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि से नवाजा.
- रतन टाटा को वर्ष 2010 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्टर ऑफ लॉ, पेप्परडाइन विश्वविद्यालय की ओर से मानद डॉक्टर ऑफ लॉ की उपाधि दी गई.
- 2012 में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी ने डॉक्टर ऑफ बिज़नेस की मानद उपाधि दी.
- 2013 में उन्हें कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय से बिजनेस प्रैक्टिस के मानद डॉक्टर से नवाजा गया.
- 2014 में सिंगापुर प्रबंधन विश्वविद्यालय ने रतन टाटा को मानद डॉक्टर ऑफ बिजनेस, यॉर्क विश्वविद्यालय, कनाडा ने मानद डॉक्टर ऑफ लॉज की उपाधि दी.
- 2015 में क्लेम्सन विश्वविद्यालय ने उन्हें ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के मानद डॉक्टर देकर सम्मानित किया.
- 2018 में उन्हें स्वानसी विश्वविद्यालय ने मानद मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी.
रतन टाटा को कौन से पुरस्कार मिले?
- रतन टाटा को भारत के सर्वोच्च पुरस्कारों में से पद्म विभूषण और पद्म भूषण दोनों से सम्मानित किया गया था.
- पद्म विभूषण सम्मान भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला दूसरा उच्च नागरिक सम्मान है
- पद्म भूषण तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है.
- रतन टाटा को वर्ष 2000 में पद्म भूषण दिया गया,
- 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से पुरस्कत किया गया.
- 2004 में उन्हें उरुग्वे सरकार ने उन्हें ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे का पदक दिया गया.
- बी’नाई बी’रिथ इंटरनेशनल ने वर्ष 2005 में रतन टाटा को अंतर्राष्ट्रीय विशिष्ट उपलब्धि पुरस्कार देकर सम्मानित किया.
- 2006 में उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रेरणा के लिए (FIRST)इंटरनेशनल अवॉर्ड दिया गया.
- कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस ने 2007 में कार्नेगी परोपकार पदक और 2008 में सिंगापुर की सरकार ने उन्हें मानद नागरिक पुरस्कार दिया.
टाटा को आज के अग्रणी संगठन के रूप में स्थापित किया
रतन ने टाटा को दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण संयंत्रों के साथ एक वैश्विक समूह के रूप में स्थापित किया, जिससे कंपनी की पहुंच, प्रभाव और नवाचार का विस्तार हुआ. आक्रामक विस्तार और व्यापार के वैश्वीकरण पर उनके केंद्रित दृष्टिकोण ने ही टाटा को आज के अग्रणी संगठन के रूप में स्थापित किया है. रतन टाटा दुनिया में एक अलग पहचान बनाई और आज वे दुनिया में नहीं हैं.

