उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है. लोगों की सुविधा के लिए फास्टैग पार्किंग है
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Mahakumbh 2025 Traffic Advisory: UP के प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है. इस तीर्थ यात्रा की शुरुआत 13 जनवरी से हो रही है और ये पर्व 26 फरवरी तक चलने वाला है. पूरे 7 हफ्तों तक चलने वाले महाकुंभ में प्रयागराज की संगम घाटी में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना हैं. लोगों की इस भारी भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए सरकार ने कई बंदोबस्त किए हैं. इसके लिए प्रयागराज में ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है.
महाकुंभ में FASTag Parking
महाकुंभ में जहां श्रद्धालुओं की भारी संख्या जमा होने वाली है. वहीं करीब 25 लाख वाहन भी शहर के अंदर आ सकते हैं. इसे देखते हुए सरकार ने गाड़ियों की पार्किंग के लिए भी इंतजाम किए हैं. इसके साथ ही लोगों को वाहन खड़ा करने में ज्यादा समय न लगे, इसके लिए फास्टैग पार्किंग रखी गई है. फास्टैग बेस्ड पार्किंग में एक साथ करीब पांच लाख वाहन खड़े हो सकते हैं. इससे लोग पार्किंग में डिजिटल पे कर पाएंगे. इसके साथ ही पार्क प्लस एप के जरिए पार्किंग स्पॉट के लिए प्री-बुकिंग की सुविधा भी है. महाकुंभ में नवप्रयागम (ईस्ट और वेस्ट), टेंट सिटी, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और सरस्वती हाई-टेक सिटी ईस्ट 1 में फास्टैग बेस्ड पार्किंग रखी गई है.
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन
देश में लगातार बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए महाकुंभ में ईवी चार्जिंग स्टेशन भी लगाए गए हैं. इन चार्जिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इन सभी वाहनों को चार्ज करने की सुविधा है. इन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी अलग से पार्किंग की जगह दी गई है.
यदि पैसा नहीं तो आप परेशान हो सकते हैं
महाकुंभ में गाड़ी लेकर जाने वालों के लिए यह खबर सच में महत्वपूर्ण है. क्योंकि पार्किंग का सिस्टम पूरी तरह बदल रहा है. अगर आप सावधानी के साथ महाकुंभ क्षेत्र का दौरा नहीं किया तो आपको परेशानी हो सकती है.
क्या-क्या बदलाव किए गए हैं?
महाकुंभ में इस बार FASTag आधारित पार्किंग सिस्टम लागू किया गया है. यानी पार्किंग में कैश देने की जरूरत नहीं होगी, गाड़ी की विंडशील्ड पर लगे FASTag से ही ऑटोमैटिक पेमेंट कटेगा, एंट्री और एग्जिट दोनों डिजिटल तरीके से होंगे. जिससे आम आदमी को जल्द सुगम सफर करने में परेशानी का सामना न करना पड़े.
क्यों लिया गया ये फैसला?
महाकुंभ में भारी भीड़ आती है. करोड़ों श्रद्धालुओं के द्वारा लाखों गाड़ियां आने का अनुमान है. जिसके कारण सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइनें, ट्रैफिक जाम की समस्या और पार्किंग में देरी होने जैसी समस्याओं का सामना श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा. इससे बचने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है. इसी कारण सबको रोकने के लिए FASTag पार्किंग शुरू की गई है.
कैसे काम करेगा FASTag पार्किंग?
- पहले से पार्किंग बुकिंग भी कर सकते हैं (ऐप के जरिए)
- पार्किंग में घुसते ही FASTag स्कैन होगा
- बाहर निकलते समय ऑटोमैटिक फीस कट जाएगी
- पूरी प्रक्रिया कॉन्टैक्टलेस (बिना रुकावट) होगी
गाड़ी चलाने वालों के लिए जरूरी सावधानियां
अगर आप महाकुंभ जा रहे हैं तो ये ध्यान रखें कि FASTag एक्टिव है कि नहीं, उसमें पर्याप्त बैलेंस है कि नहीं, अगर पुराना-ब्लॉक FASTag तो नहीं है और यदि ब्लॉक है तो पहले ठीक कराएं. उसके बाद ही महाकुंभ के सफर पर निकलें.
ये गलती तो बिल्कुल भी न करें
बिना FASTag के पार्किंग में जाने से बचें, नकद भुगतान की उम्मीद न रखें, आखिरी समय पर रिचार्ज करने की गलती न करें. इससे आपका समय भी बचेगा और आपको महाकुंभ में किसी प्रकार की परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा.
क्या फायदा होगा?
- पार्किंग में समय की बचत
- भीड़ में कम झंझट
- ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर
- डिजिटल और सुरक्षित सिस्टम
इन परेशानियों से घिर सकते हैं
पार्किंग मिलना मुश्किल हो सकता है. कई पार्किंग ज़ोन सिर्फ FASTag वाहनों के लिए होंगे. बिना FASTag वाले वाहनों को एंट्री ही न मिले, दूर के अस्थायी पार्किंग में भेजा जा सकता है. भारी ट्रैफिक और डायवर्जन शहर में डिजिटल ट्रैफिक कंट्रोल होगा. बिना FASTag वाले वाहन बार-बार रोके जा सकते हैं. अलग रूट पर डायवर्ट किए जा सकते हैं.
लंबा इंतजार और चेकिंग
FASTag स्कैनिंग से गाड़ियां तेजी से निकलती हैं, लेकिन बिना FASTag के मैनुअल चेकिंग, लंबी लाइन के कारण देरी ज्यादा चार्ज या जुर्माना और कुछ जगहों पर पेनल्टी या ज्यादा फीस देनी पड़ सकती है.
बहुत दूर गाड़ी खड़ी करनी पड़ सकती है
आपको मुख्य क्षेत्र से कई किलोमीटर दूर पार्किंग मिल सकती है, पैदल चलना या शटल बस लेना पड़ेगा, इमरजेंसी में भी दिक्कत होगी. अगर जल्दी निकलना पड़े (भीड़, स्वास्थ्य, आदि) तो FASTag वाले वाहन जल्दी निकल जाएंगे.

