Shahdol Rape News: घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट| Edited By: प्रिंस अवस्थी
Madhya Pradesh News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर देश भर में चर्चा का बाजार गर्म है. एआई से एक ओर जहां फायदे की बात हो रही है तो वहीं दूसरी ओर AI लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन कर सामने आ रहा है. यह तकनीक का प्रयोग करने वालों पर निर्भर करता है कि वे इसका प्रयोग किस रूप में कर रहे हैं? क्योंकि इसके फायदे और नुकसान दोनों की खबरें सामने आने लगी हैं.
AI का दुरुपयोग शुरू
AI विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे बेहतरीन खोज साबित हो रहा है. AI के जरिए बहुत सारे काम आसानी से किए जा रहे है, लेकिन कुछ लोग AI का दुरुपयोग करना भी प्रारंभ कर दिया है. AI के दुरुपयोग का ताजा मामला मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से समाने आया है. शहडोल में नर्सिंग का कोर्स कर रही एक युवती का AI की मदद से न्यूड फोटो बनाकर उसके दो दोस्तों ने उसे ब्लैकमेल करके उसके साथ रेप किया.
इस घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने रेप करने वाले दोनों नाबालिक युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है. शहडोल जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत पुराने बस स्टैंड के पास किराए के मकान में अपने भाई के साथ रहकर 20 वर्षीय युवती नर्सिंग का कोर्स कर रही थी. यहां रहते हुए युवती की मकान मालिक के नाबालिग बेटे के साथ दोस्ती हो गई. दोनों अक्सर मिलते और फोन पर बात करते थे.
AI की मदद से बनाई न्यूड फोटो
मकान मालिक के बेटे ने युवती की फोटो मोबाइल से खींच कर अपने पास रख ली. कुछ समय बाद नवंबर 2023 में युवती और उसके भाई ने पुरानी बस्ती में मकान ले लिया. इसी दौरान पुराने मकान मालिक के नाबालिक बेटे और उसके दोस्त ने मिलकर AI की मदद से युवती के फोटो को न्यूड फोटो में बदल दिया और युवती को भेज दिया.
इसके बाद उसने फोटो को वायरल करने की धमकी देकर अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके साथ कई बार रेप किया. इतना ही नहीं युवकों ने उसे इस मामले की किसी को जानकारी देने पर उसकी अश्लील वीडियो फोटो वायरल करने की धमकी देते रहे. वहीं युवकों से परेशान होकर युवती ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी. इसके बाद परिजनों मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दी.
कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर रेप करने वाले दोनों नाबालिक युवकों के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल और पीड़ित युवती के मोबाइल को फोरेंसिंक जांच के लिए भेज दिया है.
तेजी से पॉपुलर हुए ये ऐप्स
9to5Mac की रिपोर्ट की मानें, तो इन अश्लीलता फैलाने वाले ऐप्स को एआई पावर्ड इमेज जनरेशन ऐप के नाम से लिस्ट किया गया था. हालांकि वास्तव में इन ऐप्स से किसी की न्यूज इमेज बनाई जाती थी, जिसमें एआई की मदद ली जाती थी. इसमें दावा किया जाता था कि इन ऐप्स की मदद से किसी की फोटो से उसके कपड़ों को हटाया जा सकता है. यह ऐप्स फ्री सर्विस ऑफर करते थे. यही वजह है इन ऐप की आम जनता में पॉपुलैरिटी काफी बढ़ गई है.
प्राइवेसी का उल्लंघन करते हैं ऐप
ऐपल ने जिन ऐप्स को हटाया है, उन पर प्राइवेसी के उल्लंघन का आरोप लगा था. दरअसल ऐप बिना किसी यूजर की परमिशन से उनकी फोटो को एआई की मदद से अनड्रेस करते थे, जो कि कानूनी तौर पर गलत है. साथ ही नग्नता को प्रमोट करता है.
गलत तरीके से किया गया लिस्ट
इन ऐप्स को ऐप स्टोर से आर्ट जनरेशन के नाम से लिस्ट किया गया था. इस तरह से ऐप ऐपल सिक्योरिटी को बायपास करने का काम करते थे. इन ऐप को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और गूगल पर खूब मार्केटिंग की गई है. यह ऐप्स ऐपल ऐप स्टोर पर करीब 2022 से मौजूद है. ऐसे में ऐप को काफी संख्या में डाउनलोड किया गया है. वैसे तो ऐपल ने ऐप स्टोर से ऐप को हटा दिया है. लेकिन अगर आपके स्मार्टफोन में ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, तो उसे अपने फोन से हटा दें.

