Smart City Jabalpur : रीजनल कॉन्क्लेव के अलावा नहीं हुआ दूसरा प्रोग्राम, स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार 6 माह में तय नहीं कर पाए ऑडिटोरियम या सम्मेलन हॉल का शुल्क।
BY: DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Convention Center Jabalpur MP News: जबलपुर घंटाघर स्थित 100 करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर बनाया गया है. लेकिन यहां सन्नाटा पसरा है। कोई यहां पर कार्यक्रम कराने की यदि कोई जानकारी लेना चाहे तो भीतर जाने की अनुमति ही नहीं है। गेट पर सुरक्षाकर्मी तो तैनात हैं, लेकिन न तो वे कोई जानकारी देते हैं और न यह बताने तैयार हैं कि जानकारी कहाँ से मिलेगी? यह बात जरूर है कि करीब 2 माह पहले यहाँ रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजिन प्रदेश स्तर का हुआ था.लेकिन उसके अलावा आज तक कोई आयोजन नहीं हो पाया.
इसका कारण अधिकारियों की लापरवाही बताई जा रही है. जो संचालन के लिए निजी एजेंसी के इंतजार में बैठे हैं. तभी तो निर्माण में जमकर मनमानी करने वाले अिधकारी 6 माह में तय ही नहीं कर पाए कि ऑडिटोरियम या सम्मेलन हाल का शुल्क क्या होगा? गोकुलदास धर्मशाला के बाद 100 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर भी धेला भर की कमाई का जरिया नहीं बन पा रहा है.
पार्किंग की समस्या के कारण संस्थाएँ कार्यक्रम कराने से पीछे हट रहीं
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम से बनाए गए इस ऑडिटोरियम में 4 लग्जरी हॉल बनाए गए हैं, जहाँ एक-एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मुख्य हाल में 900 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। यह ऑडिटोरियम सेंट्रल एसी सिस्टम से लैस है।इसमें अलग-अलग तीन अन्य हॉल हैं, जिनके साइज काफी बड़े हैं। इन तीनों हॉलों में भी 200 से 300 से अधिक लोगों को बैठाया जा सकता है। इसके अलावा होटल ब्लॉक का भी निर्माण कराया गया है, लेकिन बड़े आयोजनों के लिए पार्किंग स्थल की कमी के कारण लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
एक साल के लिए माँग रहे 6 करोड़
कन्वेंशन सेंटर का संचालन निजी एजेंसी को देने लिए स्मार्ट सिटी के अिधकारी एक बार टेंडर जारी कर चुके हैं। इस टेंडर में जो शर्तें रखी गई थीं, उसके अनुसार पूरे कन्वेंशन सेंटर का संचालन करने वाले को साल का 6 करोड़ रुपए शुल्क स्मार्ट सिटी को देना तय किया गया था। यही वजह रही कि किसी भी निजी एजेंसी ने टेंडर में रुचि नहीं दिखाई। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद से दूसरा टेंडर अभी तक जारी नहीं किया गया है।
नहीं मिलती है जानकारी भटकते हैं लोग
कन्वेंशन सेंटर बनाने में स्मार्ट सिटी ने करोड़ों रुपए तो खर्च कर दिए, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई कि लोगों को जानकारी मिल सके. कन्वेंशन सेंटर के बारे में पता करने जब लोग मौके पर पहुंचते हैं तो गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर से ही लौटा देते हैं. स्मार्ट सिटी कार्यालय में भी अधिकारी-कर्मचारी जानकारी देने से कतराते हैं और बात एक-दूसरे पर टालते रहते हैं.
100 करोड़ से ज्यादा की राशि हो चुकी है खर्च
केन्द्र सरकार से मिली अनुदान राशि के 100 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण कराया है. यहाँ पर फाइव स्टार फैसिलिटी जैसी सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। 900 लोगों के बैठने के हिसाब से बना यह ऑडिटोरियम सूना पड़ा है. अभी कुछ दिनों पहले प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर में कराए गए रीजनल कॉन्क्लेव के अलावा दूसरा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ है और इस ऑडिटोरियम को कोई संस्था बुकिंग कराने पर दिलचस्पी भी नहीं दिखा रही है.
हर माह खर्च हो रहे लाखों
कन्वेंशन सेंटर से स्मार्ट सिटी की कमाई भले ही अभी शुरू नहीं हो पाई और अगले कुछ माह शुरू होने की संभावना नजर नहीं आ रही है, लेकिन खर्च बराबर हो रहा है. करीब 2.5 एकड़ में बनी बिल्डिंग की सुरक्षा में लगे चौकीदार और लाइटिंग में हर माह लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा अन्य मेंटेनेंस भी स्मार्ट सिटी को अपने खर्च से करना पड़ रहा है.
बीओडी भी तय नहीं कर पाई रेट
कन्वेंशन सेंटर को बने 6 माह से अिधक का समय हो चुका है। अब तक इसका संचालन शुरू हो जाना था, लेकिन इसे न ही निजी एंजेसी लेने तैयार हैं और न ही स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर के सदस्य इसका अलग-अलग हिस्सों का किराया तय कर पाए हैं. यही वजह है कि कोई आयोजन के लिए अगर इसे लेना भी चाहे तो अधिकारियों को मना करना पड़ रहा है. जानकारों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के लापरवाही के कारण ही इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है.
6 माह में तय नहीं हो पाए इनके रेट
- > 900 व्यक्तियों के बैठने के लिए बना भव्य ऑडिटोरियम।
- > 200-300 व्यक्तियों की बैठक व्यवस्था वाले दो सम्मेलन हॉल।
- > 500 क्षमता का ओपन एग्जीबिशन एरिया।
- > ऑफिस एरिया, कैफे एवं पार्किंग
- > 42 कमरों का होटल ब्लॉक भी है, जिसमें रेस्टोरेंट, बैंक्विट हॉल, जिम, स्पा जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं
प्रोजेक्ट पर एक नजर
- – प्रोजेक्ट का नाम- नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चरल इन्फॉर्मेशन सेंटर एवं होटल ब्लॉक
- – एजेंसी- जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड
- – स्थान- घंटाघर स्थित 2.5 एकड़ भूमि पर कल्चरल & इन्फॉर्मेशन सेन्टर
- – लागत- 100 करोड़ के करीब

