तीसरे फेज में जबलपुर से आज कान्हा, अमरकंटक, बांधवगढ़, मैहर की यात्रा होगी शुरू, भेड़ाघाट में कल गुरुवार की सुबह 10 बजे आरंभ होगी पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
PM Shri Paryatan Helicopter Seva: एमपी जबलपुर के भेड़ाघाट से 20 नवंबर गुरुवार को पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ होने जा रही है. इस यात्रा के शुरूआत होने के बाद जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़ एवं मैहर पहुंचना अब और आसान हो जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जबलपुर से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत सुबह 10 बजे भेड़ाघाट से आरंभ होगी. पर्यटकों के लिए जबलपुर से शुरू हो रही यह यात्रा सप्ताह में 5 दिन तक मिलेगी.
फ्लाईओला कंपनी करेगी हेलीकॉप्टर सेवा
केन्द्रीय विमानन मंत्रालय, मध्यप्रदेश शासन और पर्यटन बोर्ड की पहल पर आरंभ हो रही पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का प्रदेश में संचालन फ्लाईओला कंपनी करेगी. सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे. कंपनी के बिजनेस हेड जितेंद्र कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर के भेड़ाघाट के पास कंपनी ने हेलीकॉप्टर का बेस बनाया है जहां से पर्यटकों को उनके पसंद के पर्यटन स्थल ले जाया जाएगा. इस सेवा के लिए अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है.
हर जगह बनाए बेस :-
जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सभी पर्यटन स्थलों में कंपनी ने हैलीकाप्टर की सफल लैडिंग के लिए बेस बनाया है. पर्यटकों को पर्यटन स्थल के आसपास उतारने की व्यवस्था है. पर्यटक कंपनी के आनलाइन बुकिंग की सुविधा भी ले सकते हैं.
पर्यटन केंद्रों के लिये तय किया गया किराया
स्थान किराया
जबलपुर-बांधवगढ़ : 3 हजार 750 रुपये.
बांधवगढ़-कान्हा : 2 हजार 500 रुपये.
कान्हा-बांधवगढ़ : 2 हजार 500 रुपये.
जबलपुर-अमरकंटक : 5 हजार रुपये.
मैहर-चित्रकूट : 2 हजार 500 रुपये.
मैहर-जबलपुर : 5 हजार रुपये.
इन सेक्टरों शुरू है पीएम श्री हेली सेवा
सेक्टर-1
इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर,, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर के बीच सेवा संचालित की जाएगी.
सेक्टर-2
भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर के बीच सेवा संचालित की जाएगी.
सेक्टर-3
जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जायेगी.
पर्यटन के जरिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने संदेश में कहा कि पर्यटन सेवाओं का यह विस्तार केवल सुविधाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नई सेवा और सुविधा रोजगार, कौशल विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है. मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुना की जाए और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का आकार 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई हेली पर्यटन सेवाओं से स्थानीय युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. उन्होंने बताया कि देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन के माध्यम से महिलाओं को पर्यटन, आतिथ्य और हस्तकला क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश छू रहा है नित नई ऊंचाईयों को
संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारा पर्यटन विभाग नए आयाम स्थापित कर रहा है. पहले पीएमश्री एंबुलेंस के सफल संचालन के बाद कुछ स्थान ऐसे रह गए थे, जहां आज पीएमश्री पर्यटन हेली सर्विस शुरू की जा रही है. आज मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर विकसित मध्यप्रदेश @2047 का विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पास प्रदेश को आगे ले जाने के लिए अनेक नए आइडिया हैं. राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश नित नई ऊंचाईयों को छू रहा है. इसी कुशल नेतृत्व का अनुसरण कर मध्यप्रदेश पर्यटन भी नित नए आयाम गढ़ रहा है. राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि यह सेवा केवल हवाई यात्रा को सुगम नहीं बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, स्थानीय उत्पादों, और सांस्कृतिक समृद्धि को भी प्रोत्साहित करेगी. अब पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से लेकर सतपुड़ा की गोद में बसे पचमढ़ी और कान्हा-बांधवगढ़ के वन अंचलों तक का सफर कुछ ही घंटों में कर सकेंगे. यह पहल एक “आत्मनिर्भर और कनेक्टेड मध्यप्रदेश” की ओर अभिनव कदम है.

