दावा है कि सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर उनके देश पर हमले के लिए तैयार थे, जिनको आईडीएफ ने निशाना बनाया है.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
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Israel-Hezbollah War: लेबनान में हुए घातक हमलों में हजारों पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट हुए, जिसमें कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही करीब 3 हजार लोग घायल हो गए. इन विस्फोटों के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मारे गए लोगों में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के 25 सदस्य शामिल हैं. हिजबुल्लाह फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास का सहयोगी है, जो 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले के बाद से गाजा में युद्ध लड़ रहा है. हिजबुल्लाह ने लेबनान में हजारों पेजर और वॉकी-टॉकी में हुए विस्फोट के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.
हिजबुल्लाह-इजरायल संघर्ष में अभी तक क्या हुआ-
- रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के सैकड़ों ठिकानों पर हमला किया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में पूर्ण पैमाने पर युद्ध की आशंका बढ़ गई है.
- इजरायली हमलों में सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर बैरल को निशाना बनाया गया, जिनके बारे में इजरायल ने दावा किया है कि वे उनके देश की ओर दागे जाने के लिए तैयार थे. इसके अलावा 1000 रॉकेट लॉन्चर बैरल और अन्य आतंकवादी बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया.
- इजरायली हमलों के बाद अपने पहले भाषण में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने कहा कि लेबनान और सीरिया में उसके सदस्यों के खिलाफ पेजर और वॉकी-टॉकी से किए गए हमले “रेड लाइन’ को पार कर गए हैं. संगठन अब जवाबी कार्रवाई करेगा और फिलिस्तीनियों के समर्थन में इजरायल के खिलाफ अपनी लड़ाई में पीछे नहीं हटेगा.
- नसरल्लाह ने इजरायली हमलों को “नरसंहार और संभावित’ युद्ध की कार्रवाई’ बताया. कहा कि तेल अवीव को “कड़ी सजा और न्यायोचित दंड’ का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, “दुश्मन सभी नियंत्रणों, कानूनों और नैतिकताओं से परे चला गया.’
- एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने कहा कि पेजर के विस्फोट से पहले इजरायल ने रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को सूचित किया था कि लेबनान में एक सैन्य अभियान होने वाला है, लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.
- अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका को हमलों की दूसरी लहर के बारे में पहले से कोई चेतावनी नहीं मिली थी, बुधवार को वॉकी-टॉकी रेडियो को निशाना बनाया गया.
- अमेरिका ने पिछले साल से मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है . लगभग 40,000 सैनिक, कम से कम एक दर्जन युद्धपोत और चार वायुसेना लड़ाकू जेट स्क्वाड्रन तैनात हैं. पेंटागन की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने गुरुवार को कहा, “हमें अपनी सेना की रक्षा करने की क्षमता पर पूरा भरोसा है, अगर हमें इजरायल की रक्षा करने की जरूरत पड़ी तो हम ऐसा कर सकते हैं.’

