मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक निर्णय, जनहितैषी पहल का हुआ शुभारंभ
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Health Minister J.P.Nadda News : मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक निर्णयों और जनहितैषी पहल का भव्य शुभारंभ हुआ. नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र में आज सोमवार (25 अगस्त) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के मुख्य आतिथ्य में रिमोर्ट कंट्रोल से श्योपुर और सिंगरौली में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का लोकार्पण किया गया. साथ ही धार, बैतूल, पन्ना और कटनी जिलों में पीपीपी मॉडल पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये गये. वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना कार्ड वितरण, मातृ एवं शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाएँ और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट का शुभारंभ भी किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश हेल्थ केयर की सुविधाएं सुनिश्चित करने में सबसे आगे है और इन पहलों से प्रदेश में चिकित्सा अधोसंरचना, जनस्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीक आधारित सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा. इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार को बधाई व शुभमानाएं भी दी.
पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे
उन्होंने कहा कि 2 मेडिकल कॉलेज में लेटर ऑफ परमीशन मिलने व 4 मेडिकल कॉलेजों में पीपीटी मॉडल के शुरू होने से मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर अच्छी होगी. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य के बारे में बहुत चर्चाएं होती है लेकिन जब अस्पताल के चक्कर लगाते हैं तब पता चलता है. इन्ही बातों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य नीतियों में परिवर्तन लाये हैं. पहले बीमार होने पर इलाज कराने का प्रावधान था, लेकिन 2017 में नई हेल्थ पॉलीसी बनी, जिसमें रोगों की रोकथाम के साथ उनसे बचाव की भी चिंता की गई है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर फिट इंडिया मूवमेंट चलाया गया, जिससे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बीमारियों की स्क्रीनिंग कर बीमारी का पता लगाकर उनका उपचार किया जा रहा है.
- बच्चों को 16 साल की उम्र तक 27 प्रकार के टीके लगते हैं.
- देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण ही दूर दराज के इलाकों में भी संस्थागत प्रसव कराने का काम आशा कार्यकर्ता कराती है, जिससे मातृ और शिशु मृत्युदर में भारी कमी आई है.
- बेहतर इलाज सुनिश्चित हो इसके लिए टेली मेडिसिन सिस्टम शुरू किया गया है.
- सिकल सेल एनिमिया के उन्मूलन के लिए करोड़ो लोगों की स्क्रीनिंग हुआ है.
- टीबी स्क्रीनिंग से टीबी के प्रकरण में कमी आई है.
- आयुष्मान और वय वंदना योजना अंतर्गत 12.74 करोड़ परिवारों को आयुष्मान योजना अंतर्गत नि:शुल्क इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है.
- जनजातीय क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज नीतिगत निर्णयो के आधार पर खुले हैं.
मेडिकल कॉलेज का विस्तार किए जाने पर सीएम ने दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की इस पहल पर केन्द्र सरकार को बधाई दी और कहा कि एक साथ 200 मेडिकल सीट बढना एक सपने जैसा है. 1956 के बाद मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे और उनके कार्यकाल में ही 9 मेडिकल कॉलेज खुल गये हैं. अब प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा हैं. जबलपुर में सुपर स्पेशलिटि हॉस्पिटल है. उन्होंने कहा कि अब यह कोशिश की जायेगी कि हर मेडिकल कॉलेज में एक हॉस्पिटल हो.
26 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री नड्डा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में सत्रह शासकीय, तेरह निजी एवं भोपाल में एक एम्स चिकित्सालय है. श्योपुर और सिंगरौली जिलों को दो शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की सौगात मिलने के बाद प्रदेश में 19 शासकीय चिकित्सालय हो गए हैं. प्रदेश में अगले वर्ष चार एवं उसके अगले वर्ष दो शासकीय मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत करने साथ ही प्रदेश में कुल 26 शासकीय मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत करने का लक्ष्य रखा गया है.
4 जिलों में पीपीपी मॉडपर मेडिकल कॉलेज के लिए एमओयू
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपीपी मॉडल के आधार पर धार, बैतूल, पन्ना एवं कटनी में मेडिकल कॉलेज हेतु एमओयू हस्ताक्षर होने के बाद चारों जिलों में खुशी की लहर है. प्रदेश को मिली इन सौगातें का मिलना इसलिए साकार हुआ है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री नड्डा हैं तथा यहां राज्य सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर रहे हैं. उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा, जबलपुर, भोपाल एवं ग्वालियर में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं.
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मिक, सांसद आशीष दुबे, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, संतोष बरकड़े, नीरज सिंह ठाकुर बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, मुडवारा विधायक संदीप जायसवाल, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पांडे सहित अखिलेश जैन, रत्नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, विनोद गोटिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरूण राठी, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.



