बीजेपी के ऐसे पहले नेता होंगे जो लगातार दूसरी बार लोकसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया! कुल 543 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Lok Sabha: नई दिल्ली. 18 वीं लोकसभा के लिए आज नया स्पीकर मिल जाएगा। सदन में करीब 11 बजे नए स्पीकर के लिए मतदान होगा. मतदान प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब कराएंगे. सत्तारूढ़ एनडीए से ओम बिरला और विपक्ष के इंडिया ब्लॉक से के सुरेश स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार हैं. बिरला राजस्थान के कोटा से तीसरी बार , जबकि आठवीं बार के सांसद के सुरेश केरल की मवेलीकारा सीट से जीतकर आए हैं. कुल 543 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है.
ओम बिरला इससे पहले 17वीं लोकसभा के लिए भी निचले सदन के स्पीकर थे. एनडीए ने उन्हें इस बार भी उम्मीदवार घोषित किया हैं। अगर बिरला चुनाव जीतते हैं तो वे बीजेपी के ऐसे पहले नेता होंगे जो लगातार और दूसरी बार स्पीकर चुने गए. इससे पहले कांग्रेस के बलराम जाखड़ भी दो बार स्पीकर रहे हैं.
18वीं लोकसभा के लिए स्पीकर के लिए चुनाव होने जा रहा है
48 साल बाद 18वीं लोकसभा के लिए स्पीकर के लिए चुनाव होने जा रहा है. इससे पहले 1952 और 1976 में भी स्पीकर के लिए चुनाव में वोटिंग हुई थी. सभी राजनैतिक पार्टियों ने व्हिप जारी कर सांसदों को वोटिंग के दौरान सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं.
साधारण बहुमत से स्पीकर का चुनाव
स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव में सदन में वोटिंग करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से चुना जाता है. साधारण बहुमत यानी सदन में उस वक्त जितने सांसद मौजूद होंगे, उनमें 50 फीसदी से ज्यादा वोट जिसे मिलेंगे वो स्पीकर चुन लिया जाता है. शपथ नहीं लेने वाले सात सांसद वोटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे. शपथ न लेने वाले सांसदों में इंडिया गठबंधन के पांच सांसद है. वायनाड सीट रिक्त है. ऐसे में सदन में कुल सांसदों की संख्या घटकर 535 हो जाएगी. वहीं बहुमत के लिए 268 सांसदों का समर्थन मिलना जरूरी है. एनडीए के पास 293 इंडिया ब्लॉक के पास 233 सदस्यों का समर्थन है. इंडिया ब्लॉक के शपथ न लेने वाले पांच सांसदों को मतदान में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. ऐसे में विपक्ष के पास सांसदों की संख्या 228 रह जाएगी. जबकि 16 अन्य सांसद हैं. इनका समर्थन भी मायने रखेगा.
ओम बिरला एक बार फिर क्यों चर्चा में
लोक सभा स्पीकर ओम बिरला एक बार फिर चर्चा इसलिए हैं. क्योंकि उनके तीसरे कार्यकाल में उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आया है और उस पर लंबी बहस चल रही है. उनके कार्यकाल का यह पहला दौर है, जब विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लागर उन्हें सवालों पर खड़ा कर दिया है. हलांकि उनके विरुद्ध लाया गया यह प्रस्ताव ज्यादा नहीं टिक पाएगा और उनकी स्पीकर की कुर्सी सुरक्षित रहेगी.
राहुल पर गृह मंत्री का हमला
लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ’17वीं लोकसभा में उनकी अटेंडेंस 51% थी. नेशनल एवरेज 66% था. 16वीं लोकसभा में उनकी अटेंडेंस 52% थी. नेशनल एवरेज 80% था. 15वीं लोकसभा में उनकी अटेंडेंस 43% थी. नेशनल एवरेज 76% था.’ उन्होंने कुछ सदस्यों की शिकायतों पर भी बात की कि उन्हें माइक्रोफोन की दिक्कतों की वजह से बोलने नहीं दिया गया. शाह ने कहा कि जो कोई भी नियमों का पालन नहीं करेगा या सदन में अनुशासन बनाए नहीं रखेगा, उसका माइक्रोफोन बंद कर दिया जाएगा और कहा कि संसद की कार्यवाही इसी तरह चलनी चाहिए.
मतदान के जरिए प्रस्ताव हुआ खारिज
यहां हम बता दें कि स्पीकर को हटाए जाने के प्रस्ताव पर सदन में करीब 10 घंटे चली लंबी और गरमागरम बहस हुई. बहस के बाद मतदान के जरिए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. यानि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लंबी चर्चा के बाद गिर गया. वहीं इस इस प्रस्ताव पर शाह ने कहा कि विपक्ष हताशा में संवैधानिक पदों की गरिमा को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है. यहां यह भी बताना जरूरी है कि स्पीकर के विरुद्ध 4 दशकों बाद ऐसा प्रस्ताव आया है. जो चर्चा का विषय बन गया.

