ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को पुरी में एक मंदिर के पास भगदड़ के लिए भगवान जगन्नाथ के भक्तों से क्षमा मांगी. इस घटना में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है. 25 लाख मदद की घोषणा
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Puri Rath Yatra Stampede: ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ हो गई थी, जिसमें 3 श्रद्धालुओं के मौत होने की खबर सामने आई. इस घटना पर माझी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है और दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है. वहीं, पुरी के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का भी तबादला कर दिया गया है. चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है. वहीं, पिनाक मिश्रा को नए एसपी की जिम्मेदारी दी गई है.
3 लोगों के मौत की जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार पुरी में रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास हुई दुखद भगदड़ में करीब तीन लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं. यह हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ. इस हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनमें दो महिलाएं, प्रभाती दास और बसंती साहू, शामिल हैं. इसके अलावा, 70 वर्षीय प्रेमकांत मोहंती की भी भगदड़ में जान गई है. तीनों खुरदा जिले के रहने वाले थे और रथ यात्रा के लिए पुरी आए थे.
सीएम ने दुख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भगदड़ की घटना के लिए मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता अधिक थी… धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. हम भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं… महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. यह लापरवाही अक्षम्य है. सुरक्षा चूक की तत्काल जांच की जाएगी और मैंने निर्देश दिया है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.”
जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजा की मांग
पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़ पर रविवार को दुख व्यक्त किया और ओडिशा सरकार से इस घटना की तत्काल एवं व्यापक जांच कराने की अपील की. देब श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने राज्य सरकार से ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित और तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया. देब ने कहा कि वह ‘श्री गुंडिचा मंदिर के पास कल रात मची भगदड़ के बारे में जानकर स्तब्ध और बहुत दुखी हैं, जिसमें तीन श्रद्धालुओं की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए.’ उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.
मौके पर नहीं था पुलिस प्रशासन
मीडिया सूत्रों से पता चला है कि अनाधिकृत वाहन मंदिर के पास प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुस गए थे. इससे स्थिति और खराब हो गई. उन्होंने कहा कि रात में कोई पुलिस या प्रशासन मौजूद नहीं था. ओडिशा प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार है. एक अन्य शख्स ने कहा कि मैंने भगदड़ में अपनी पत्नी को खो दिया. यहां पर कोई भी फायर, रेस्क्यू या अस्पताल का अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा. यह एक दुखद घटना है जिसे व्यक्त नहीं किया जा सकता.
खरगे ने रथ यात्रा के दौरान भगदड़ पर दुख जताया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रथ यात्रा के दौरान भगदड़ पर दुख जताया है. उन्होंने ओडिशा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि मैं महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ से बहुत दुखी हूं. इसमें तीन लोगों की जान चली गई और कम से कम 50 लोग घायल हो गए. यह त्रासदी शुक्रवार को यात्रा के दौरान 500 भक्तों के घायल होने की खबरों के बाद हुई है. खरगे ने आगे कहा कि यह घटना लापरवाही और कुप्रबंधन को दर्शाती है जो अक्षम्य है.

