तीन चरणों में होगा मैहर में मां शारदा लोक का निर्माण, कमिश्नर-आईअी की बैठक में मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन, मंदिर परिसर की पहाड़ी पर सीमित स्थान है और वहां अधिक निर्माण और विस्तार कार्य नहीं हो सकते है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maa Sharda Lok Maihar MP News : मैहर जिले में त्रिकूट पर्वत पर बिराजी मां शारदा देवी शक्तिपीठ का विकास और मां शारदा लोक का निर्माण 3 चरणों में किया जायेगा. कमिश्नर रीवा बीएस जामोद ने कहा कि त्रिकूट पर्वत की नैसर्गिक सुन्दरता और आध्यात्मिक महत्व को बरकरार रखते हुए मां शारदा लोक के निर्माण कार्य किये जाये. मंदिर परिसर की पहाड़ी पर सीमित स्थान है और वहां अधिक निर्माण और विस्तार कार्य नहीं हो सकते है. इन परिस्थितियों में मेला के दौरान एवं अन्य तिथियों में दर्शनार्थियों की अधिकतम संख्या को दृष्टिगत रखते हुए मंदिर दर्शन में एक साथ अधिकतम संख्या में श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन हो सके, इस बिन्दु को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाये.
कल्चरल एक्टिविटीज के लिए अलग स्थान निर्धारित होगा
कल्चरल एक्टिविटीज के लिए पृथक से स्थान निर्धारित करना होगा. परिक्रमा पथ में यात्रियों को ठहरने शेल्टर का निर्माण और आल्हाताल, आल्हा मंदिर-अखाडा के पास नव गृह वाटिका को मिलाकर भजन संध्या स्थल भी बनाया जा सकता है.
15 मई तक टेंडर प्रक्रिया और उसके तुरंत बाद काम शुरू
कमिश्नर ने कहा कि मां शारदा लोक के निर्माण के मास्टर प्लान को शीघ्र अंतिम रूप देकर कन्सलटेंसी के इंजीनियर्स तथा मंदिर समिति के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रस्तावित स्थलों का मौका मुआयना करें. इसके बाद 15 मई तक निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ करने का प्रयास किया जाये.
मां शारदा लोक के लेआउट प्लॉन का हुआ प्रजेंटेशन
कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद और आईजी श्री गौरव राजपूत ने बुधवार को मैहर पहुंचकर जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन समिति के अधिकारियों की बैठक ली. मां शारदा लोक के निर्माण संबंधी इस महत्वपूर्ण बैठक में कंसलटेंसी एजेंसी धरोहर के संचालक श्रीमती संगीता सिंह ने मां शारदा लोक के मास्टर प्लान और ले आउट प्लान का पावर पाइंट प्रजेंटेशन दिया. बैठक के पश्चात कमिश्नर एवं आईजी ने मां शारदा मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में मां शारदा लोक के निर्माण के महत्वपूर्ण प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया.
इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा, एसडीएम श्रीमती दिव्या पटेल, तहसीलदार जितेन्द्र पटेल, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्वेतांक चौरसिया, सीएमओ श्रीमती सुषमा मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
देवी मंदिर से लेकर मेला परिसर तक होगा विकास
मां शारदा लोक के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि घन्टाघर चौक से देवी मंदिर, आल्हा ताल, आल्हा अखाडा, मेला परिसर को तीन जोन में विभक्त कर यात्री सुविधाओं के कार्य तीन फेज में कराये जायेंगे. इनमें मुण्डन संस्कार भवन, यज्ञ वेदी और यज्ञ शाला तथा कल्चरल जोन के पृथक से प्रावधान किये जायेंगे.
50 हजार प्रतिदिन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा प्लॉन
आईजी ने कहा कि मां शारदा लोक के निर्माण से यहां श्रद्धालुओं का आवागमन बढ़ेगा. मंदिर परिसर में आगामी समय में 50 हजार प्रतिदिन के मान से श्रद्धालुओं की संख्या के मान से व्यवस्थायें प्लान करें. कलेक्टर रानी बाटड ने कहा कि पुलघटा एरिया में वाहनों की पार्किंग की जायेगी. इसके अलावा रोपवे की क्षमता बढाकर इसके विस्तार की आवश्यकता भी होगी. बंधा बैरियर के पास कल्चरल गतिविधियों के लिए आडीटोरियम भी बनाया जाना आवश्यक है. कलेक्टर ने बताया कि 2-3 दिन बाद कंसलटेंसी के अधिकारी इंजीनियर्स एवं जिला प्रशासन, मंदिर समिति के अधिकारी प्रस्तावित स्थलों का संयुक्त भ्रमण कर मास्टर प्लान को अंतिम रूप देंगे.
पार्किंग और बाजार बैठकी सबसे बड़ी समस्या
मैहर धाम में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है और उसके बाद मंदिर के नीचे बाजार बैठकी है, जिसके कारण पर्यटक श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। इसी प्रकार रोप में भी मेला के समय सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है. इस दिशा में प्रशासनिक अधिकारियों ने क्या निर्णय लिया है? मां शारदा लोक के प्रजेंटेशन में उल्लेख नहीं किया गया है. जबकि मैहर शारदा मंदिर में सबसे ज्यादा मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है.
श्रद्धालुओं के रुकने की अच्छी व्यवस्था करने की जरूरत
मां शारदा मंदिर आने वाले श्रद्धालु के केवल मध्य प्रदेश या आसपास के नहीं होते हैं. बल्कि हिंदू धर्म पर आस्था रखने वाले कई लोग विदेश से भी आते हैं. उनके ठहरने और भोजन की अच्छी व्यवस्था प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कहीं पर नहीं है. ऐसे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी व्यवस्था जुटाने की जरूरत है.

