दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में बारिश के बाद एक कोचिंग सेंटर के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने से शनिवार को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे 3 स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी.
By : DB News Update| Edited By: Supriya
Delhi News: मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में भारी बारिश के बाद राव आईएएस कोचिंग सेंटर के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने से शनिवार (27 जुलाई) को यूपीएसएसी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई.
शनिवार शाम करीब सात बजे ‘राव आईएएस स्टडी सेंटर’ नामक कोचिंग में जलभराव की सूचना मिली थी. कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में शनिवार को पानी भरने से हुई 3 छात्रों की मौत पर अब मामला गरमा गया है. इस घटना के विरोध में करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास सैकड़ों की संख्या में छात्र जमा हुए हैं.
छात्रों ने वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगाए साथ ही कोचिंग माफिया खिलाफ विरोध प्रदर्शन..
इस घटना को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और भारी संख्या में छात्र करोल बाग मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगाए. वहीं, पुलिस छात्रों को सड़क से हटा रही है.
उधर, दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय के घर के बाहर भी प्रदर्शन किया जा रहा है. कोचिंग माफिया और शैली ओबेरॉय के खिलाफ ABVP के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली में IAS कोचिंग हादसे के बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर खुलकर सामने आया। यह मामला कैरोल बाग के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जहां बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी।
भारी बारिश की वजह से हुई घटना
भारी बारिश के बाद कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में अचानक पानी भर गया, अंदर पढ़ रहे 3 छात्रों की डूबने से मौत हो गई, हादसे ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी घटना को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास इकट्ठा हुए
छात्रों ने “We Want Justice” के नारे लगाए. कई छात्रों ने सड़क जाम कर दी, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की.
तुरंत कार्रवाई और बैठकों का आयोजन
हादसे के बाद मेयर ने एमसीडी, कमिश्नर, PWD और जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई, जहाँ उन्होंने नियमों के उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एमसीडी ने अवैध रूप से चल रहे कोचिंग केंद्रों को सील करना शुरू किया और कई कोचिंग केंद्रों के बेसमेंट को नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में बंद किया। दुर्घटना के बाद एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त और एक सहायक इंजीनियर को निलंबित किया गया, ताकि जांच में जवाबदेही तय हो सके.
पुलिस कार्रवाई और FIR के बाद गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक और व्यवस्थापक पर मुकदमा दर्ज किया और उन्हें हिरासत में लिया। अगली चरण में कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत सुनिश्चित की गई है. विरोध प्रदर्शन पर प्रशासन की प्रतिक्रिया आई है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और स्थिति को शांत किया, हालांकि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ है और हादसे के बाद मंत्रियों और प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट जांच आदेश दिए गए, ताकि यह पता चल सके कि कितना प्रशासनिक जवाबदेही है.
गुस्से की क्या वहज हो सकती है?
छात्रों का आरोप है कि बेसमेंट में लाइब्रेरी चलाना नियमों के खिलाफ था, जलभराव की समस्या पहले से थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, प्रशासन और कोचिंग संस्थान दोनों की लापरवाही से यह हादसा हुआ. पुलिस ने केस दर्ज किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ी और बाद में CBI तक पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि कई अवैध बेसमेंट कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई भी हुई है. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक के रूप में देखा गया, जिसके कारण छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.
प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय दिखे
हादसे के तुरंत बाद बैठकें, कार्रवाई, अधिकारी निलंबन, कोचिंग सेंटरों की सीलिंग और FIR दर्ज करना प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम रहे. पुलिस ने भी जवाबदेही की दिशा में कदम उठाए, आरोपी को हिरासत में लेने और मामले की जांच शुरू करने जैसे कदम उठाए गए हैं. हालांकि विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति पर नियंत्रण कठिन रहा, प्रशासन ने अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण स्थापित किया है.

