पूर्व मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया में ट्यूट किए जाने के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप, गौरीघाट एसटीपी का निगमायुक्त ने तकनीकी अधिकारियों के साथ किया औचक निरीक्षण, पानी की सैंपलिंग कर जांच कराई
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Narmada Water Quality Testing: नर्मदा जल की शुद्धता को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद दिग्विजय सिंह के द्वारा नर्मदा में मिल रहे नालों की फोटो सोशल मीडिया में ट्यूट की गई, जिसके बाद से जबलपुर प्रशासनिक अधिकारियों के बाद हड़कंप मचा हुआ है. कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर सहित जल व स्वास्थ्य विभाग निगम का अमला गौरीघाट नर्मदा जल जांचने में जुटा हुआ है. इसी कड़ी में आज जबलपुर नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने गौरीघाट का निरीक्षण किया और मां नर्मदा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का दावा किया. इसी दौरान उनके द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का तकनीकी अधिकारियों के साथ सघन निरीक्षण किया गया. निगमायुक्त ने गौरीघाट के समीपवर्ती बस्तियों से निकलने वाले गंदे पानी के शुद्धिकरण की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया.
शुद्धिकरण के बाद ही नदी में मिल रहा पानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि शोधन प्रक्रिया के पश्चात ही नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा पानी पूर्णतः साफ और स्वच्छ पाया गया. आयुक्त ने ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन गुणवत्ता मानकों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए उन्होंने मौके पर ही पानी के सैंपल लिए और उन्हें विस्तृत वैज्ञानिक जांच हेतु तत्काल प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए.
अधिकारियों की टीम रही मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त के साथ विशेषज्ञों और अधिकारियों की पूरी टीम मौजूद रही, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे, देवेंद्र सिंह चौहान अपर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग, अंकिता बर्मन स्वास्थ्य अधिकारी एवं संजय सिंह सहायक यंत्री.
नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखना शासन की प्राथमिकता
नगर निगम प्रशासन का यह कदम दर्शाता है कि शहर के विकास के साथ-साथ संस्कारधानी की जीवनदायिनी नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीवर ट्रीटमेंट की प्रक्रिया पर सतत् रूप से निगरानी रखें.
कांग्रेस पार्षद दल ने भी सवाल उठाए थे
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री के ट्यूट के बाद जबलपुर के कांग्रेस पार्षद दल ने भी नर्मदा नदी के पानी की शुद्धता को लेकर सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि नर्मदा तट में जितने भी नाले मिल रहे हैं. उन सभी नालों में सीधे सीवर का पानी मिल रहा है. जिसकी शुद्धता नहीं की जा रही है और जितने भी ट्रीटमेंट प्लांट बने हैं. वे सब के सब बंद हैं.

