केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 12 दिसंबर को चिंता जताई थी.’रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया, 2022′ रिपोर्ट के अनुसार, देश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 2022 में 1,68,491 तक पहुंच गई,
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Road Accidents in India : देश में 5 साल में सड़क हादसों में 7.77 लाख मौतें हुई हैं. यूपी में सबसे ज्यादा 1.08 लाख मौतें हुई हैं. दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है, जहां 84 हजार मौतें हुई हैं. वहीं 66 हजार के आकंडे के साथ महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है. ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री ने यह रिपोर्ट जारी की है. इसके मुताबिक 2021 में देश में सड़क हादसों में 1.53 लाख मौतें हुई थीं, जो 2022 में बढ़कर 1.68 लाख हो गईं. विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट 2018 और 2022 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में चिंताजनक वृद्धि दर्शाती है। बुधवार को जारी ‘रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया, 2022’ रिपोर्ट के अनुसार, देश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 2022 में 1,68,491 तक पहुंच गई, जो 2021 में 1,53,972 थी, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गडकरी ने कहा था- भारत का रिकॉर्ड सबसे खराब
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 12 दिसंबर को कहा था कि दुनिया में सड़क हादसों को लेकर सबसे खराब रिकॉर्ड हमारा है. जब भी मैं किसी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने जाता हूं और वहां सड़क हादसों को लेकर बात होती है, तो मैं अपना मुंह छुपाने की कोशिश करता हूं.
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक
2022 में अकेले उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक रही, जहां 22,595 लोगों की मौत हुई। महाराष्ट्र में 15,224 मौतें हुईं, जबकि तमिलनाडु में इसी वर्ष 17,884 मौतें दर्ज की गईं। भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में इन राज्यों का महत्वपूर्ण योगदान है, जिनमें से अधिकांश मौतें तेज गति से वाहन चलाने, मोबाइल फोन के उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाने और वाहन चालकों की अनुशासनहीनता के कारण हुईं.
दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें दर्ज शीर्ष 10 राज्य
उत्तर प्रदेश – 1,08,882 मौतें
तमिलनाडु – 84,316 मौतें
महाराष्ट्र – 66,370 मौतें
मध्य प्रदेश – 58,580 मौतें
कर्नाटक – 53,448 मौतें
राजस्थान – 51,280 मौतें
आंध्र प्रदेश – 39,058 मौतें
बिहार – 36,191 मौतें
तेलंगाना – 35,565 मौतें
गुजरात – 36,626 मौतें
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने में शर्मिंदगी महसूस होती है- गडकरी
गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने में उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है और उन्हें अपना चेहरा छुपाना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित करने के बावजूद, भारत में सड़क दुर्घटनाएं वास्तव में बढ़ गई हैं। श्री गडकरी ने कहा कि मानवीय व्यवहार और सामाजिक मानदंडों में बदलाव की आवश्यकता है और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए हमें कानून के शासन के प्रति सम्मान की भावना पैदा करनी होगी।
2020 से 2024 तक 36,700 करोड़ रुपये से अधिक के 23 करोड़ से अधिक ई-चालान जारी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई उपाय शुरू किए हैं। प्रमुख पहलों में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत कड़े जुर्माने और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए ई-चालान जैसी तकनीक का उपयोग शामिल है। 2020 से अब तक 36,700 करोड़ रुपये से अधिक के 23 करोड़ से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं।
बुनियादी ढांचे में सुधार करने की दिशा में भी काम
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सड़क सुरक्षा को डिजाइन चरण से लेकर रखरखाव तक हर चरण में शामिल किया जाए। राज्य सरकारें, केंद्र सरकार के साथ मिलकर, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे में सुधार करने की दिशा में भी काम कर रही हैं, जैसे कि आदर्श ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को बेहतर बनाना.
सड़क हादसों में युवाओं की सबसे ज्यादा मौत
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों को देश की एक बड़ी समस्या बताया. उनके अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है. उन्होंने कहा कि करीब 60 प्रतिशत मृतकों की उम्र 18 से 34 वर्ष के बीच होती है, यानी वे लोग जो पढ़ाई, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के दौर में होते हैं.

