पीएम नरेन्द्र मोदी बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में छतरपुर पहुंचे. वहां उनका बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वागत किया.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Bageshwar Dham News: पीएम नरेंद्र मोदी आज 23 फरवरी रविवार को छतरपुर के बागेश्वर धाम पहुंचे. यहां उन्होंने बागेशवर धाम मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टिट्यूट की आधारशिला रखी. इसके पहले पीएम मोदी ने यहां मंदिर में बालाजी की पूजा की. वहीं, धीरेंद्र शास्त्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों की तारीफ की. बागेश्वर धाम में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने रिमोट के जरिए प्रस्तावित साइंस और रिसर्च सेंटर का शिलान्यास किया. इससे पहले उन्होंने बागेश्वर धाम में स्थित बालाजी के मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मां से भी मुलाकात की.
उन्होंने कहा, ”हम बहुत उत्साहित हैं. पीएम मोदी वीरों, हीरों, संत और महंतों की धरती पर आए हैं. दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता यहां हैं. हम आपका अभिनंदन करते हैं. यह एक बेहतरीन पल है. आभार के लिए शब्द काफी नहीं हैं. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप भी कहते हैं ‘भारत के महान पीएम”
धीरेंद्र शास्त्री ने इससे पहले बागेश्वर धाम में पीएम मोदी का स्वागत किया. उन्हें बालाजी महाराज का विग्रह और स्मृति चिह्न भेंट की गई. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव भी मौजूद थे.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रधानमंत्री के गढ़ा गांव में आने को बड़ी उपलब्धि बताया
इस मौके पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रधानमंत्री के गढ़ा गांव में आने को बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र की स्थिति तेजी से बदलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती शक्ति का भी जिक्र किया और कहा कि यह ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो जवान का भी ध्यान रखते हैं और किसान का भी। उनकी बात दुनिया में सुनी जाती है। कई राष्ट्रीय अध्यक्ष आपस में बात नहीं करते, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन, रूस और अमेरिका के प्रमुखों से बात होती है।
प्रस्तावित अस्पताल में एक वार्ड प्रधानमंत्री मोदी की माता जी के नाम पर स्थापित किया जाएगा
पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रधानमंत्री मोदी और अपनी मां के बीच हुए संवाद का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि प्रस्तावित अस्पताल में एक वार्ड प्रधानमंत्री मोदी की माता जी के नाम पर स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा अस्पताल का शिलान्यास किए जाने के बाद प्रस्तावित अस्पताल की रूपरेखा का भी एक वीडियो के जरिए प्रदर्शन किया गया।
कैंसर अस्पताल 36 माह में बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
प्रधानमंत्री मोदी ने 218 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कैंसर अस्पताल का शिलान्यास किया। इसके लिए 10.925 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है। कैंसर अस्पताल 36 माह में बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पहले चरण में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी, जिसमें अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से गरीब कैंसर रोगियों का निशुल्क उपचार किया जाएगा।
218 करोड़ की लागत से बना है अस्पताल
प्रधानमंत्री श्री मोदी 218 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले कैंसर अस्पताल का शिलान्यास किया. इसके लिये 10.925 हेक्टेयर भूमि चिन्हित किया गया था. कैंसर अस्पताल 36 माह में बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके पहले चरण में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी, जिसमें अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से गरीब कैंसर रोगियों को नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है.
बागेश्वर धाम में शुरू होने वाली यह पहल न केवल कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग के लिये बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुनिश्चित करेगा. अस्पताल के निर्माण से स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञों को नए अवसर प्राप्त होंगे.
धीरेंद्र शास्त्री ने एकता का मंत्र दिया
इस अवसर पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि ये लोग हमारे मत, मान्यताओं और मंदिर पर, हमारे संत और संस्कृति पर हमला करते रहते हैं. ये लोग हमारी परंपराओं और प्रथाओं को गाली देते हैं. हमारे समाज को बांटना, उसकी एकता को तोड़ना ही इनका एजेंडा है. इस माहौल में मेरे छोटे भाई धीरेंद्र शास्त्री एकता के मंत्र को लेकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं.
पीएम ने कहा कि अब उन्होंने मानवता को लेकर एक और संकल्प लिया है. अब बागेश्वर धाम में भजन, भोजन और निरोगी जीवन तीनों का आशीर्वाद मिलेगा. हमारे मंदिर, हमारे मठ ये एक ओर पूजन और साधना के केंद्र रहे हैं. तो दूसरी ओर विज्ञान और सामाजिक चेतना के केंद्र रहे हैं.
महाकुंभ की हर तरफ चर्चा
पीएम ने कहा कि महाकुंभ की हर तरफ चर्चा हो रही है. अब तक करोड़ों लोग वहां पहुंच चुके हैं. उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई है और संतों के दर्शन किए हैं. यह एकता का महाकुंभ है. आने वाली सदियों तक 144 वर्ष के बाद हुआ महाकुंभ, एकता के महाकुंभ के रूप से प्रेरणा देता रहेगा.


