MP News: मध्य प्रदेश में देवउठनी एकादशी के बाद होने वाले विवाह समारोह पर निगरानी रहेगी. बाल विवाह रोकने के लिए तहसील स्तर तक निगरानी समिति और कोर ग्रुप का गठन किया जा रहा है.
By : DB News Update | Edited By: सुप्रिया
Lado Abhiyan MP: मध्य प्रदेश सरकार लाडो अभियान के तहत शादी के कार्ड पर दुल्हा-दुल्हन की उम्र लिखना जरूरी करने जा रही है. यही नहीं शादी से जुड़े सभी कैटरर्स, बैंड वाले, टैंट वाले समेत तमाम सेवाएं देने वालों पर भी यह नियम लागू होगा. बता दें कि मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा देवउठनी एकादशी के बाद होने वाले विवाह समारोह पर नजर रखी जाएगी. खास तौर पर सामूहिक विवाह समारोह में बाल विवाह रोकने के लिए अभी से समितियां का गठन शुरू हो चुका है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग ने समिति बना दी गई है.
लाडो अभियान के तहत शिकंजा कसने की तैयारी
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका नाम है ‘लाडो अभियान’. इस अभियान के तहत शादी के कार्ड पर वर-वधू की कानूनी उम्र का जिक्र करना अनिवार्य होगा. इतना ही नहीं, कैटरर्स, पंडित, बैंड वाले, टेंट वाले और होटल वालों को भी वर-वधू का आयु प्रमाण पत्र दिखाना होगा.
दस्तावेज मेल नहीं खाने पर मेडिकल प्रमाण पत्र को मान्यता
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सामूहिक विवाह के समय अधिकारी वर-वधू के जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल के प्रमाण पत्र और आंगनबाड़ी केंद्र के रिकॉर्ड की जांच करेंगे. अगर ये दस्तावेज़ नहीं मिलते हैं तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र को मान्य किया जाएगा.
सामूहिक विवाह पर भी लागू है नियम
इसके अलावा, सामूहिक विवाह करवाने वालों से यह शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि वह अपने आयोजनों में बाल विवाह नहीं होने देंगे. प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, कैटरर, पंडित, बैंड वाले, और समाज के मुखिया से भी अनुरोध किया जाएगा कि वह वर-वधू का आयु प्रमाण पत्र देखने के बाद ही अपनी सेवाएं दें.
समितियों में ये होंगे शामिल
देव उठानी एकादशी के बाद लगातार विवाह का दौर जारी रहता है. इस दौरान बाल विवाह की शिकायतें भी जिला प्रशासन के पास पहुंचती है. मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए तहसील स्तर तक निगरानी समिति और कोर ग्रुप का गठन किया जा रहा है, जिसमें अनुविभाग्य अधिकारी (अध्यक्ष), जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, थाना प्रभारी आदि को समिति में सदस्य बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार से बाल विवाह संपन्न नहीं हो सके.
शादी के कार्ड पर साफ-साफ लिखी जाए उम्र
साथ ही, यह भी निर्देश दिया जाएगा कि शादी के कार्ड पर यह बात साफ-साफ लिखी हो कि वर 21 और वधू 18 वर्ष कानूनी तौर पर शादी करने की उम्र के हैं. इसके लिए जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस को निर्देशित किया जाएगा.

