मकर संक्रांति को सूर्य, शनि के साथ श्रीहरि की पूजा का संयोग बन रहा है. इस दिन माघ महीने की षटतिला एकादशी भी रहेगी, ऐसे में कुछ राशियों की किस्मत खुलने वाली है.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Makar Sankranti 2026: सूर्य का मकर राशि में प्रवेश मकर संक्रान्ति रूप में जाना जाता है. सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे. उत्तर भारत में यह पर्व मकर सक्रान्ति के नाम से और गुजरात में उत्तरायण नाम से जाना जाता है. मकर संक्रान्ति को पंजाब में लोहडी पर्व, उतराखंड में उतरायणी, गुजरात में उत्तरायण, केरल में पोंगल, गढवाल में खिचडी संक्रान्ति के नाम से मनाया जाता है. मकर संक्रान्ति के शुभ समय पर हरिद्वार, काशी आदि तीर्थों पर स्नानादि का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा- उपासना भी की जाती है. शास्त्रीय सिद्धांतानुसार सूर्य पूजा करते समय श्वेतार्क तथा रक्त रंग के पुष्पों का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य की पूजा करने के साथ साथ सूर्य को अर्घाय देना चाहिए.
मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को है. ये सूर्य और शनि देव के मिलन का दिन है, क्योंकि मकर संक्रांति पर सूर्य देव शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. ये भगवान सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का पर्व है. धार्मिक और ज्योतिष दोनों नजरिए से इस बार मकर संक्रांति बहुत खास क्योंकि इस दिन एकादशी भी है साथ ही ग्रहों की शुभ स्थिति कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलेगा.
23 साल बाद मकर संक्रांति पर महासंयोग
14 जनवरी को मकर संक्रांति पर 23 साल बाद एकादशी का संयोग बन रहा है. इससे पहले 2003 में मकर संक्रांति और एकादशी एक साथ थी. मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी है. इन दोनों ही पर्व का तिल से गहरा नाता है. हालांकि मकर संक्रांति पर तिल से बने मिष्ठान खाए जाते हैं लेकिन एकादशी होने से अन्न का भोजन नहीं किया जाएगा.
मकर संक्रांति पर राशियों को लाभ
वृषभ राशि – मकर संक्रांति का पर्व आपके भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि करेगा. कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती है जो आगे चलकर आपके लिए आर्थिक रूप से लाभदायक रहेंगी. शनि और सूर्य की कृपा से नए प्रोजेक्ट को लेकर आपकी योजना सफल होगी.
धनु राशि – करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे. किसी प्रभावी व्यक्ति की मदद से राजनीति में आपकी साख बनेगी. लोग आपके कार्य को सराहेंगे. शनि की शुभता प्राप्त होगी. पिछले कुछ समय से जो मानसिक परेशानी है उससे राहत मिलेगी.
वृश्चिक राशि – मकर संक्रांति का त्योहार कमाई में वृद्धि करेगा. बिजनेस का ग्राफ बढ़ेगा. वाहन और संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं. पढ़ाई के लिए आर्थिक रूप से अचानक मदद मिलेगी.
मकर संक्रांति पर करें ये काम
- मकर संक्रांति के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान करना चाहिए.
- मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा के साथ ही सूर्य मंत्रों का जाप भी करें.
- मकर संक्रांति के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को तिल, गुड़, कपड़े, कंबल और खिचड़ी का दान करें.
- मकर संक्रांति के दिन तिल, दही, गुड़ और खिचड़ी का सेवन जरूर करें.
- मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को जल और तिल अर्पित करें.
- साथ ही भगवान भास्कर को तिल के लड्डू का भोग लगाएं.
ये लाभ मिलने के संयोग
इसके अतिरिक्त, संक्रांति तिथि पर ग्रहों की स्थिति धन और करियर से जुड़े प्रयासों के लिए अनुकूल संकेत देती है. सूर्य का बलवान होना प्रशासन, प्रतिष्ठा, आत्मबल और जिम्मेदारी से जुड़े विषयों को मजबूती देता है. यही कारण है कि मकर संक्रांति को नई योजनाओं और सकारात्मक संकल्पों की शुरुआत के लिए उपयुक्त समय माना गया है.
एमपी के सिवनी में लगता है मेला
मध्य प्रदेश सिवनी जिले में मकर संक्रांति का त्योहार में पावन वैनगंगा तटों मे जगह जगह मेला लगता है जिसमे तिल एवं गुड़ के लड्डू के साथ मक्का, धान की लाई ,खिचड़ी खाई जाती है. वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल मुंडारा के अलावा मुंगवानी, दिघौरी, मझगवां, कोठीघाट, सिद्धघाट, पंचधारा, उगली, भीमगढ़ डैम, हिर्री वैनगंगा संगम सरेखाकला मे स्नान एवं मेला लगता है. घंसौर क्षेत्र मे माँ नर्मदा के तट पायली, बगदरी , किंदरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धूमामाल , छिंदवाहा के छटा घाट में मकर संक्रांति श्रद्धालुओं डूबकी लगाते हैं.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

