ब्रज के कलाकर बम्ब नगाड़े, ढोल, बीन, शहनाई, डमरू-मजीरा पर प्रस्तुति देंगे. निकाली जाएगी शोभायात्रा, मान मंदिर बरसाना, इस्कान वृन्दावन सहित विभिन्न मंदिरों की भजन मंडलियां भक्ति रस बिखेरेंगी.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Janmashtami 2025: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर व वृन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) इस वर्ष 16 अगस्त की मध्य रात्रि को तथा नन्दगांव में 17 अगस्त की रात्रि में मनाया जाएगा. मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोकुल, नन्दगांव, गोवर्धन, महावन आदि सभी तीर्थस्थलों पर इसी हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं संरक्षा के इंतजाम भी व्यापक स्तर पर किए जा सकें.
देशभर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां
नंद नंदन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर देश भर की श्रीकृष्ण मंदिरों में तैयारियों की जा रही हैं. एक ओर जहां ब्रज में इस वर्ष श्री कृष्णोत्सव पर्व तीन दिन (15 से 17 अगस्त तक) मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त की सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार से शोभायात्रा के रूप में शुरुआत हो जाएगी. वहीं देश भर के विभिन्न मंदिरों में जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां बड़ी धूम-धाम के साथ की जा रही हैं. जिला मुख्यालय से लेकर कस्बाई मंदिरों तक में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर तैयारी की जा रही है.
शोभायात्रा में लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे
शोभायात्रा में परम्परागत रूप से पोतरा कुण्ड, गोविंद नगर, डीग गेट से होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर ही सम्पन्न हो जाएगी. शोभायात्रा में हर वर्ष धर्म-आध्यात्म के साथ स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीयता का भी समावेश इस वर्ष देखने को मिलेगा. शोभायात्रा में ब्रज के साथ बुंदेलखंड, राजस्थान और हरियाणा के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. ये कलाकार बुंदेलखंड का राई नृत्य, राजस्थान का कच्ची घोड़ी नृत्य, हरियाणा का गूजरी नृत्य आदि का प्रदर्शन करते हुए निकलेंगे.
भजन मंडलियां भी भक्ति रस बिखेरेंगी
ब्रज के कलाकर बम्ब नगाड़े, ढोल, बीन, शहनाई, डमरू-मजीरा पर अपनी प्रस्तुति देंगे. इसके साथ ही शोभायात्रा में मान मंदिर बरसाना, इस्कान वृन्दावन सहित विभिन्न मंदिरों की भजन मंडलियां भी भक्ति रस बिखेरेंगी. इस मौके पर ठा. बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन की ओर से अपील की गई है चूंकि जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन में आने वाले श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव रहेगा, इसलिए ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा विपरीत परिस्थिति से बचने के लिए बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, रक्तचाप व शर्करा के मरीजों को साथ न लाएं.

