अयोध्या में इस वर्ष 22 जनवरी को प्रभु रामलला का नए मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी
By : DB News Update| Edited By: Supriya
अयोध्या.
Ayodhya Ramlala Pran Pratishtha: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को हुए रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आयोजन के खर्च का ब्योरा सामने आ गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, समारोह की व्यवस्था पर 113 करोड़ रुपये खर्च हुए। 22 जनवरी को हुए कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। पीएम नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान की भूमिका निभाई थी। इस कार्यक्रम में बिजनेस से लेकर मनोरंजन जगत के विशिष्ट लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे थे।
निर्माण पर अतिरिक्त 670 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद
राम मंदिर ट्रस्ट की हालिया बैठक के दौरान खुलासा किया गया कि मंदिर के निर्माण पर अब तक 1800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस साल के अंत तक अगले दो चरणों के निर्माण पर अतिरिक्त 670 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2023-24 के वार्षिक खाते भी न्यासी मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए गए। ट्रस्ट सितंबर में आयकर रिटर्न दाखिल करेगा। ट्रस्ट ने कहा कि पिछले चार वर्षों में भक्तों ने मंदिर को लगभग 20 किलोग्राम सोना और 13 क्विंटल चांदी दान की है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच कुल अनुमानित व्यय 850 करोड़ रुपये होगा। ट्रस्ट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल व्यय 676 करोड़ रुपये बताया, जबकि कुल आय 363.34 करोड़ रुपये रही। मंदिर को होने वाली आय में से 204 करोड़ रुपये बैंक ब्याज और 58 करोड़ रुपये अंशदान के माध्यम से आए।
एक साल में 670 करोड़ होंगे खर्च
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक में संभावना व्यक्त की गई कि 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक राममंदिर के निर्माण में 670 करोड़ रुपए और खर्च होंगे। रामजन्मभूमि परिसर के विकास में 180 करोड़ रुपए और खर्च होने का अनुमान है। बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, महासचिव चंपतराय सहित सदस्य नृपेंद्र मिश्र सहित आदि रहे।
363 करोड़ रुपए दान में मिले
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक के आय-व्यय का लेखा-जोखा 22 अगस्त को सार्वजनिक किया। इसमें साफ हुआ है कि राममंदिर को एक साल में 363 करोड़ रुपए दान में मिले हैं।
विदेश में रहने वाले रामभक्तों ने 10.43 करोड़ रामलला को समर्पित किए हैं। चेक और नगद के रूप में रामलला को 53 करोड़ मिले हैं। रामलला के सामने रखे दानपात्रों से 24.50 करोड़ और तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के विभिन्न खातों में ऑनलाइन 71 करोड़ रुपये मिले हैं। इतना ही नहीं बैंक में जमा 2600 करोड़ रुपये के ब्याज के रूप में 204 करोड़ रुपये भगवान को अर्पित किए गए हैं।
तीनों मूर्तिकारों को 75-75 लाख दिए गए
बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2023-24 में रामलला को 13 क्विंटल चांदी और 20 किलो सोना दान में मिला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला की मूर्ति बनाने वाले तीनों मूर्तिकारों को 75-75 लाख रुपए 18 फीसदी जीएसटी के साथ दिया है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में 37 साल के मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति स्थापित की गई है। दूसरे मूर्तिकार गणेश भट्ट को कर्नाटक में कई अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। तीसरे मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार रामेश्वर लाल पांडेय के बेटे हैं।
2100 करोड़ का चेक राम मंदिर को मिला
राम मंदिर ट्रस्ट को डाक से 2100 करोड़ का एक चेक मिला है। यह चेक प्रधानमंत्री आपदा कोष के लिए था। इसलिए, उसको प्रधानमंत्री आपदा कोष में जमा करने के लिए भेज दिया है। रामलला के दर्शन मार्ग पर प्रवेश से लेकर निकास द्वार के डेढ़ किलोमीटर लंबे दर्शन मार्ग पर जर्मन हैंगर लगाया जाएगा।

