अमेरिकी सरकार ने चीन से बड़ी मात्रा में आयात होने वाले स्मार्टफोन्स, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रोनिक्स को टैरिफ के दायरे से बाहर रखा है. जापान का निक्केई 225 प्वाइंट यानि 1.15% ऊपर चढ़ा.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Stock Market : भारतीय शेयर बाजार भी मंगलवार को ऊंची उड़ान भर रहा है. 10 सेकेंड में ही करीब 6 लाख करोड़ रुपये की बारिश हुई है. आरबीआई रेपो रेट में कटौती से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स पर ट्रंप के टैरिफ में राहत देने के फैसले ने एशियाई बाजार से भारतीय बाजार तक बूस्टर डोज मिला है. एक तरफ जहां वॉल स्ट्रीट से लेकर जापान तक एशियाई बाजार में रौनक दिखी.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1500 अंक यानी 2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा. सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर सेंसेक्स 1576.45 प्वाइंट यानी 2.10 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 76,733.71 पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 470 प्वाइंट यानी 2.06 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 23,298.75 पर आ गया. बैंक निफ्टी में 1100 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया है. जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई वो है- टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स, भारतीय एयरटेल, L&T, M&M ये सभी निफ्टी के टॉप गेनर है.
टाटा मोटर्स, HDFC, एयरटेल, L&T और M&M टॉप गेनर्स
बाजार में सबसे ज्यादा तेजी ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में देखी गई। टाटा मोटर्स, HDFC, भारती एयरटेल, एलएंडटी और महिंद्रा एंड महिंद्रा M&M निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे. बैंक निफ्टी में भी 1100 अंकों से ज्यादा की जबरदस्त उछाल दर्ज की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्मार्टफोन और कंप्यूटर जैसे उत्पादों को टैरिफ से बाहर रखने का फैसला वैश्विक बाजारों के लिए राहतभरा रहा. जापान का निक्केई इंडेक्स 1.15% चढ़ा, वहीं टॉपिक्स इंडेक्स में भी 1.16% की बढ़त दर्ज की गई। ऑटो स्टॉक्स में सुजुकी, माजदा, होंडा और टोयोटा के शेयर 4.5% से 5.5% तक ऊपर चढ़े.
अमेरिका के वॉल स्ट्रीट चमका
अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में भी पॉजिटिव माहौल देखने को मिला. डाउ जोन्स 312 अंक 0.78% बढ़कर 40,524.97 पर S&P 500 में 42.61 अंक 0.79% की तेजी नैस्डेक कंपोजिट 107 अंक 0.64% ऊपर चढ़ा आरबीआई की रेपो रेट में कटौती इससे लोन सस्ते होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. अमेरिकी टैरिफ में राहत इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर को इससे बड़ा फायदा मिला है. निवेशकों का सकारात्मक सेंटिमेंट घरेलू और वैश्विक दोनों स्तर पर अच्छे संकेत मिल रहे हैं. आगे भी तेजी बरकरार रह सकती है टेक्नोलॉजी स्टॉक्स, अमेरिका में तेजी का असर भारत पर भी दिखेगा बैंकिंग और इंफ्रा: रेपो रेट में कटौती का सीधा असर अगर आप निवेशक हैं या शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह वक्त सक्रिय नजर बनाए रखने का है. बाजार में यह तेजी आने वाले समय में और अवसर ला सकती है.
इस तेजी की मुख्य वजह
भू-राजनीतिक तनाव (मिडिल ईस्ट) में नरमी के संकेत मिले हैं. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में थोड़ी राहत मिली है. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत भी मिले हैं और निवेशकों की खरीदारी और रिकवरी बाउंस मिला है. इसी वजह से शेयर बाजार में तेजी देखने को मिलती है. सरल शब्दों में कहें तो पिछले दिन की गिरावट के बाद वर्तमान स्थिति बाजार में तेज “रिकवरी रैली” (rebound rally) देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार उछाल आया.
आगे बाजार की संभावित स्थिति (Sensex/Nifty)
अगर तेजी जारी रहती है (Bullish Case) और ये चीज़ें बनी रहती हैं तो बाजार और ऊपर जा सकता है. वैश्विक तनाव (जैसे मिडिल ईस्ट) में और नरमी, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें स्थिर या नीचे, विदेशी निवेशक (FII) फिर से खरीदारी करें या फिर कंपनियों के अच्छे नतीजे (earnings recovery) देखने को मिलें तो स्थिति बरकरार रहेगी.
अगर बाजार रुककर चलता है (Range-bound)
सबसे सामान्य स्थिति यही होती है जब तेजी के बाद थोड़ा profit booking आता है. Nifty/Sensex एक रेंज में चलते हैं. ऊपर-नीचे दोनों तरफ हलचल रहती है. इस स्थिति में बाजार कुछ समय sideways (स्थिर दायरे में) रह सकता है.
अगर दबाव बढ़ता है (Bearish Risk)
यदि दबाव बढ़ने के प्रमुख कारण यह है कि भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ रहा है. तेल की कीमतें फिर से ऊपर जा रही हैं. FIIs की लगातार बिकवाली और ग्लोबल मार्केट कमजोर होना ही दबाव की प्रमुख वजह है.
इसे आसान भाषा में समझे तों अभी का उछाल = “relief rally” (राहत वाली तेजी) है. आगे का ट्रेंड तय करेगा कि वैश्विक हालात + तेल की कीमत + FII निवेश सबसे अहम होंगे.

