शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती राम मंदिर चंदा चोरी मामले में खुलकर बोले. चढ़ावे की हकीकत जानने एसआईटी का हुआ था गठन, रिपोर्ट सौंपने के बाद 8 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ram Mandir Scam Case: राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में अब शंकराचार्य भी मैदान में उतर आए हैं और इसी बची द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज और ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. यहां बता दें कि राम मंदिर चढ़ावे को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं. श्रद्धालुओं ने जो दान राशि, सोने-चांदी के आभूषण दान किए थे, उस पर विवाद मचा हुआ है. प्रशासन मुस्तैदी से कार्रवाई में भी जुटा हुआ है. शासन द्वारा गठित की गई एसआईटी की रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिसमें 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
मन्दिरों में ही सरकार का दख़ल क्यों है?
शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा, “मन्दिरों में ही सरकार का दख़ल क्यों है? मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे में क्यों नहीं?” उन्होंने आगे कहा, “धार्मिक स्थलों और मंदिरों में जो चढ़ावा आता है. दान पेठी और धन की जो प्राप्ती होती है. बड़े मंदिरों में यह संख्या करोड़ों रुपये में होती है.”
‘मंदिरों की आय से सार्वजनिक हित के काम हो’
सदानंद सरस्वती जी महाराज ने आगे कहा कि, “हम लोगों का कहना यह कि मंदिरों में होने वाली आय के द्वारा जिस जिले में वह मंदिर है उस जिले के विकास के लिए उस धन से गौशाला, पाठशाला, औषधालय, धर्मशाला, सार्वजनिक हित के काम किए जाने चाहिए.”
मंदिर का धन और किसी दूसरे काम में खर्च न हो-सदानंद
शंकराचार्य ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, “मंदिर का धन और किसी दूसरे काम में खर्च नहीं करना चाहिए. जिस क्षेत्र जो मंदिर है उस क्षेत्र के विकास के लिए धन का उपयोग करना चाहिए.” स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आगे कहा, “मंदिर की जो बचत होती है उस बचत को उस क्षेत्र के विकास में लगाना चाहिए.”
‘सरकार को मंदिर का पैसा खर्च करने का अधिकारी नहीं’
सरकार को घेरते हुए स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आगे यह भी कहा कि, “सरकार को मंदिर का पैसा खर्च करने का अधिकार नहीं है. नहीं होना चाहिए क्योंकि सरकार धर्मनिरपेक्ष है. हमारे धार्मिक स्थान का अधिग्रहण सरकारों के द्वारा नहीं होना चाहिए.”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को घेरा
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी हमलावर हैं. उन्होंने इस विषय में राम मंदिर को मिले दान की हुई चोरी के मामले में मुख्य रूप से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कि महासचिव चंपत राय के नाम को सबसे ऊपर रखना न्याय संगत नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि ये कैसा न्याय है?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में मुख्य जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की है. इसके बाद दूसरा नंबर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का नाम है और तीसरे नंबर चंपत राय की जिम्मेदारी बनती है. लेकिन फिर भी, आप चंपत राय को पहले नंबर पर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये कैसा न्याय है?
कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि को बताया जिम्मेदार
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह बयान उस वक्त आया है जब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा दोनों अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बयान जारी करके इस्तीफे की पुष्टि की है कि ट्रस्ट को दोनों सदस्यों के इस्तीफे मिल चुके हैं. अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि इस मामले में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का नाम क्यों नहीं आ रहा है. उन्हें भी जाँच के दायरे में रखना चाहिए.
ज़मीन की ख़रीद-फरोख्त में भी हेरा-फेरी का आरोप
अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावा चोरी की ही बात नहीं है बल्कि वहां ज़मीन की ख़रीद-फरोख्त में भी हेरा-फेरी की गई है. उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए. नहीं तो सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी.
यहां बता दें अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों प्रदेश में गो सरंक्षण को लेकर यात्रा कर रहे हैं. उनकी माँग है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए. इसी क्रम में वो यूपी के रामपुर जनपद पहुंचे थे, जहां उन्होंने अयोध्या मामले पर ये बात कही है. इसके बाद वो यहां से आगे के लिए रवाना हो गए हैं.
राम मंदिर चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना
राम मंदिर में करोड़ों रुपये का कैश और सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले में गिरफ्तार 8 नामजद आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. एसआईटी ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है. वहीं मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि चंपत राय अयोध्या छोड़कर दिल्ली चले गए हैं और राम मंदिर के नए ट्रस्ट गठन को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं.

