पश्चिम मध्य रेलवे ने फरवरी माह में रूपये 826 करोड़ से अधिक ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया, गत वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
West Central Railway News: पश्चिम मध्य रेल में वाणिज्य-परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में रूपये 826 करोड़ 86 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी माह (रूपये 617 करोड़ 34 लाख) की तुलना में 33.94 प्रतिशत अधिक है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य (627 करोड़ 86 लाख रूपये) ऑरिजनेटिंग रेवन्यू से 31.69 प्रतिशत अधिक है. ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू के मद वाइस आय पर नजर डालें तो यात्री यातायात से रुपये 202 करोड़ 46 लाख, माल यातायात से रुपये 581 करोड़ 35 लाख, अन्य कोचिंग मद में रुपये 13 करोड़ 83 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रुपये 29 करोड 22 लाख का रेलवे राजस्व प्राप्त किया है.
इसी प्रकार चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में मण्डल वाइस बात करे तो जबलपुर मण्डल ने रूपये 496 करोड़ 89 लाख, भोपाल मण्डल ने 203 करोड़ 54 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 126 करोड़ 43 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है.
पमरे द्वारा किए जा रहे प्रयास
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं.
- पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित कर चलाया जा रहा हैं.
- यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लीयर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं.
- पश्चिम मध्य रेल में मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया जा रहा हैं.
- माल यातायात के लिए प्रयास
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं.
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है.
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है.
संड्री रेवेन्यू के लिए प्रयास
गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नविन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है.
नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) निति के तहत नयी-नयी योजनाओं को लागु किया जा रहा है.
6 अतिरिक्त कोच स्थाई तौर पर बढ़ाने का निर्णय
रेलवे द्वारा यात्री सुविधा एवं मांग को देखते हुए स्थाई-अस्थाई तौर पर अतिरिक्त कोच लगाए जाते है. इसी कड़ी में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे से प्रारम्भ-टर्मिनेट होने वाली तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों जबलपुर-रायपुर-जबलपुर, जबलपुर-चान्दा फोर्ट-जबलपुर एवं जबलपुर-रीवा-जबलपुर में 6 अतिरिक्त कोच स्थाई तौर पर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. इन गाड़ियों में स्थाई कोच संयोजन निम्न तिथि से प्रभावी रहेगा.
जुड़ेंगे स्थाई तौर पर अतिरिक्त कोच
गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस में एक थर्ड एसी का कोच दिनाँक 14.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
गाड़ी संख्या 11701 रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस में एक थर्ड एसी का कोच दिनाँक 14.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
कोच संरचना- अब उक्त दोनों ट्रेनों में निर्धारित तिथि से 2 थर्ड एसी, 1 एसी चेयरकार, 4 द्वितीय चेयरकार, 7 जनरल कोच एवं 1 जनरेटरकार, 1 एसएलआरडी सहित कुल 16 कोच होंगें.
गाड़ी संख्या 22174 जबलपुर-चान्दा फोर्ट एक्सप्रेस में चार जनरल कोच दिनाँक 15.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
गाड़ी संख्या 22173 चान्दा फोर्ट-जबलपुर एक्सप्रेस में चार जनरल कोच दिनाँक 15.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
कोच संरचना- अब उक्त दोनों ट्रेनों में निर्धारित तिथि से 1 एसी चेयरकार, 2 द्वितीय चेयरकार, 10 जनरल कोच एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 15 कोच होंगें.
गाड़ी संख्या 11705 जबलपुर–रीवा एक्सप्रेस में एक जनरल कोच दिनाँक 14.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
गाड़ी संख्या 11706 रीवा–जबलपुर एक्सप्रेस में एक जनरल कोच दिनाँक 14.05.2026 से प्रभावी रहेगा.
कोच संरचना- अब उक्त दोनों ट्रेनों में निर्धारित तिथि से 1 एसी चेयरकार, 5 द्वितीय चेयरकार, 15 जनरल कोच एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 23 कोच होंगें.
08 करोड़ 73 लाख रुपये वसूले
पश्चिम मध्य रेल में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देशानुसार तीनों मंडलों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारियों के नेतृत्व में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर टिकट जांच अभियान चलाए गए. इन अभियानों के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में कुल 01 लाख 32 हजार मामले पकड़े. इन मामलों में बिना टिकट यात्रा, अनबुक्ड लगेज तथा अनियमित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्री शामिल थे. इनसे अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 08 करोड़ 73 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया.

