बिहार गोपालगंज में चल रही हनुमंत कथा, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लगा रहे दिव्य दरबार, हिंदुओं को जोड़ने के बयान कई बार सोशल मीडिया में हुए बायरल
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Dhirendra Krishna Shastri News: बिहार के गोपालगंज में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा चल रही है. इस दौरान कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर हिंदू अकेले रहेंगे तो टूट जाएंगे, लेकिन अगर वे एक साथ रहेंगे तो उन्हें कोई नहीं तोड़ सकता. अगर कुत्ते पर पत्थर फेंका जाए तो वह भाग जाएगा, लेकिन अगर वही पत्थर मधुमक्खी के छत्ते पर फेंका जाए तो इंसान को भागना पड़ेगा. इसका मतलब यह हुआ कि कुत्ता अकेला था, जबकि मधुमक्खियां एक साथ थीं. इसी तरह अगर हिंदू अलग रहेंगे तो उन्हें भागना पड़ेगा, लेकिन अगर हिंदू एक रहेंगे तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा.
संविधान हमारा आदर्श है
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच से आगे कहा कि तुम हमारा साथ दो, हम तुम्हें हिंदू राष्ट्र देंगे. एक अन्य बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम संविधान के खिलाफ नहीं बोलते हैं संविधान हमारा आदर्श है. हमारे पूर्वजों ने संविधान को स्वीकार किया है. संविधान के अनुसार ही हम चलेंगे. लेकिन संविधान में 125 बार से ज्यादा संशोधन हो गया, एक बार हिंदू राष्ट्र के लिए और हो जाए तो और क्या चाहिए.
‘भारत को बांटने नहीं देंगे’
हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने कहा कि बिहार में हमारे आने के बाद से आग लगी है. मीडिया पर बवाल मचा है कह रहे हैं बाबा को आने दो हम मारेंगे. ये देश रानी लक्ष्मी बाई का है, बाबर का नहीं. राम का है, रघुवर का देश है, संतों का है. बिहार हमारा है हम जब तक जिएंगे तब तक आएंगे. भारत को बांटने नहीं देंगे हिन्दुओं को घटने नहीं देंगे.
कई बार दे चुकें हैं हिदुओं को जोड़ने वाले बयान
‘धर्म नहीं बचेगा तो देश नहीं बचेगा’
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि देश का हिंदू जाग जाए, देश सनातनियों का देश है और इस देश में किसी चीज को लेकर तनातनी नहीं है. इसके अलावा, हम लोगों को जातिवाद से उठाकर राष्ट्रवाद का महत्व बताते हुए जागरूक करना चाहते हैं. धर्म नहीं बचेगा तो देश नहीं बचेगा और देश नहीं बचेगा तो धर्म भी नहीं बचेगा. दोनों चीजें सबके लिए जरूरी हैं, इसलिए मैं कहता हूं कि देश की सेना वेतन के लिए नहीं बल्कि वतन के लिए काम करती है, इसलिए आज मंच से हमने सेना के लिए डोनेशन की अपील की है.
‘एक हो जाएं, आज नहीं तो कभी नहीं’
उन्होंने हिंदुओं से आह्वान किया कि एक हो जाएं, आज नहीं तो कभी नहीं. पदयात्रा में शामिल एक दृष्टिबाधित अनुयायी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि धर्म और जाति की दीवार ने हिंदुओं को तोड़कर रख दिया है और ऐसे में वह सभी हिंदुओं को दोबारा जोड़ने के लिए पदयात्रा का हिस्सा बने हैं. उन्होंने बागेश्वर धाम का किस्सा शेयर कर बताया कि साल 2024 में सबके सामने बाबा की उम्र खुद को लगने की बात कह दी थी और बाबा बागेश्वर ने इस बात से खुश होकर अपना कुर्ता दे दिया था.
‘अगर अभी नहीं तो कभी नहीं…’
हिंदू समुदाय से अपील करते हुए बागेश्वर बाबा ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाएं जल्द ही व्यापक रूप से फैल सकती हैं. उन्होंने कहा, “हिंदू बहनें और बेटियां इसे समझ नहीं रही हैं. इसीलिए हम दिन-रात प्रयास कर रहे हैं।. हिंदुओं, जाग जाओ! अगर अभी नहीं तो कभी नहीं. अगर अभी नहीं जागे तो कब जागोगे? आज यह बुरहानपुर में हुआ, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब यह हर घर में हो सकता है.”
मालेगांव ब्लास्ट मामले में बागेश्वर बाबा भी रहे सुर्खियों पर
मालेगांव विस्फोट मामले पर, स्वयंभू धर्मगुरु ने दावा किया कि “भगवा आतंकवाद” की धारणा राजनीतिक रूप से प्रेरित एक साजिश है जिसका उद्देश्य सनातन धर्म को बदनाम करना है. उन्होंने कहा, “बहुत समय पहले, जब वह घटना घटी, तो पर्दे के पीछे एक कहानी गढ़ी गई, जिसे ‘भगवा आतंकवाद’ कहा गया. पूरी साजिश भगवा और सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए रची गई थी. लेकिन अंततः यह साबित हो गया कि भगवा आतंकवाद जैसी कोई चीज नहीं है, और न ही कभी हो सकती है. भगवा धर्म हमेशा से करुणा, प्रेम और स्वीकृति का प्रतीक रहा है. वह साजिश अब पूरी तरह से खारिज हो चुकी है.”

