जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के ठिकाने का अभी तक पता नहीं चल सका है. सुरक्षाबलों ने इस हमले में शामिल तीन आतंकियों का पोस्टर जारी किया है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के शोपियां में मंगलवार को एनकाउंटर चल रहा है. सुरक्षाबलों ने 2-3 आतंकियों को घेर रखा है. सेना के सूत्रों ने बताया कि शुकरू के जंगलों में एनकाउंटर जारी है.
शोपियां में आज ही पहलगाम हमले में शामिल 3 पाकिस्तानी आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं. इन पर 20 लाख रुपए के इनाम रखा गया है. जम्मू-कश्मीर के राजौरी, साबां, कुपवाड़ा और बारामूला में स्कूल बंद हैं. राजस्थान के जैसलमेर में भी यही स्थिति है.
सोमवार रात दिखे थे ड्रोन
सोमवार रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में ड्रोन दिखे थे. कुछ देर बाद सेना ने कहा कि दुश्मन के किसी ड्रोन की सूचना नहीं है. आज सभी स्थानों पर स्थिति सामान्य है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार रात 8 बजे स्पीच दी थी. उन्होंने ऑपरेशन की जानकारी दी, लेकिन कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ स्थगित है, बंद नहीं की गई है.
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी में 5 आर्मी और 2 BSF के जवान शहीद हो चुके हैं, 60 घायल हैं. इसके अलावा 28 सिविलियंस की भी जान गई है.
तीनों आतंकवादियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें
पुलिस ने आतंकवादियों के बारे में सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन भी दिया है. जानकारी देने के लिए पुलिस ने संपर्क नंबर 9596777666 (एसएसपी अनंतनाग) और 9596777669 (पीसी अनंतनाग) जारी किए हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को तीनों आतंकवादियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें.
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के एक दिन बाद बुधवार को सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें और स्केच जारी किए थे। आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना विदेश दौरा बीच में ही छोड़कर भारत लौट आए थे
पहलगाम हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना विदेश दौरा बीच में ही छोड़कर भारत लौट आए थे. बुधवार शाम उन्होंने सुरक्षा को लेकर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की अध्यक्षता की जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया था कि भारत ने सिंधु जल समझौते को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है. यह कदम भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि सैनिक ऊपर चढ़ते समय काफी सावधान थे, क्योंकि ऊपर से आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी करने या ग्रेनेड फेंकने की काफी आशंका थी. उन्होंने बताया कि इस बीच, सीआरपीएफ की स्थानीय इकाई ने पहलगाम शहर के चारों ओर चौकियां स्थापित कर दी हैं और घटनास्थल के निकट स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी. अधिकारियों ने बताया कि डेल्टा यूनिट की कंपनी कमांडर, सहायक कमांडेंट राशि सिकरवार भी टीम में शामिल हो गईं और सीओ ने उन्हें महिलाओं व बच्चों की देखभाल करने का काम सौंपा, क्योंकि उनमें से कई घायल थे, चीख रहे थे और डरे हुए थे.
सीआरपीएफ की इकाई उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन अपराह्न करीब 2:30 बजे बैसरन पहुंची, तो यह देखकर ‘हैरान’ रह गई कि गोली लगने से घायल तीन लोग जमीन पर पड़े थे और कुछ महिलाएं, बच्चे व पुरुष अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे. सीआरपीएफ की टीम ने घायलों को बचाया तथा हमलावरों की तलाश के लिए क्षेत्र की थोड़ी तलाशी भी ली, क्योंकि ‘उन्हें आभास हो चुका था कि आतंकवादी हमला हुआ है.’ तब तक जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्थानीय थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंच चुके थे और दोनों बलों ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए.

