उत्तराखंड के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में आयी विनाशकारी बाढ़ में 4 लोगों की मौत हो गई और 138 से अधिक लोगों को बचा लिया गया.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Uttarkashi Cloudburst News Updates: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से कई लोगों की मौत हो गई है और 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस हादसे का मुआयना करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर से धराली बाजार, हर्षिल एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का निरीक्षण किया. फिर उतरकर बचाव में लगे लोगों से जानकारी ली. सीएम देहरादून में सहस्त्रधारा हेलीपैड से हेलिकॉप्टर में बैठकर धराली तक पहुंचे थे. बता दें कि उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से ऊंचाई पर स्थित गांवों में मंगलवार को अचानक बाढ़ आ गई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए या तेज पानी में बह गए. प्रशासन ने इस हादसे में चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि 50-60 लोग लापता हो गए हैं.
10 से 12 लोग दबे होने की आशंका?
स्थानीय स्तर पर मीडिया में खबर चल रही है कि क्षेत्रीय लोग बता रहे हैं कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से विनाशकारी बाढ़ आई थी.जिसके मलबे में 10 से 12 लोग दबे होने की आशंका हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो 20 से 25 होटल और ‘होमस्टे’ बह जाने की आशंका है. इलाके के गांवों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भाग रहे हैं.
डॉक्टरों की टीम तैनात, बनाए कैंप
मीडिया को जानकारी देते हुए उत्तरकाशी के सीएमओ डॉ बी एस रावत ने कहा है कि डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद है राहत कैंपों में डॉक्टरों की टीम लोगों का प्राथमिक उपचार कर रही है हमारे करीब 25 एंबुलेंस और ऑन द वे हैं लेकिन संपर्क मार्ग टूटने की वजह से वह मौके पर नहीं पहुंच पा रही हैं लेकिन कई एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम धराली में मौजूद है जहां पर वह लगातार लोगों का उपचार कर रही है . लोगों को मानसिक रूप से भी स्वस्थ करने के लिए मनोचिकित्सकों की टीम भी धारा ली भेजी गई है ताकि उन्हें मानसिक तौर से भी स्वस्थ किया जा सके क्योंकि जिस तरीके का मंजर लोगों ने कल देखा है उसे लोगों के अंदर एक डर का माहौल है और उसे डर से लोगों को बाहर निकालने के लिए मनोचिकित्सक की भी टीम धारली भेजी गई है हालांकि जैसे ही संपर्क मार्ग ठीक हो जाएगा उसके बाद एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंचेगी.
कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण NH-34 (उत्तरकाशी-गंगोत्री अक्ष) पर कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसमें पापड़गाड़ में 100 मीटर का बहाव और धराली के पास मलबे के कारण बड़ी रुकावटें शामिल हैं. खराब मौसम, लगातार बारिश और कीचड़ के बावजूद BRO द्वारा मरम्मत कार्य जारी है.
किसने क्या प्रतिक्रिया दी
“बहुत दुखद घटना है, पूरा देश दुखी है.प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री पल-पल की खबर ले रहे हैं.कुछ जगहों पर सड़कें टूटी हुई हैं. NDRF, SDRF, ITBP, सेना और पुलिस वहां लगातार कार्य कर रही है. अभी तक 120 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है…वहां मेडिकल की व्यवस्था की गई है.”
अजय भट्ट, भाजपा सांसद
“यह बेहद दुखद है. हिमाचल प्रदेश और वायनाड में भी ऐसी ही घटनाएं घटी हैं.हमें रोकथाम के लिए एक व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं बार-बार न हों.”
प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसद
डॉ लोहिया और समाजवादियों ने सबसे पहले नारा दिया था कि हिमालय बचाओ, नदियां बचाओ. हमें उम्मीद है उसी दिशा में हम सबको मिलकर काम करना चाहिए.
अखिलेश यादव, सपा प्रमुख

